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साप्ताहिक समीक्षा: सप्ताह भर की उथल-पुथल के बाद शेयर बाजार सपाट बंद

बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में सपाट कारोबार देखा गया. इस दौरान सेंसेक्स 34,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुआ.

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साप्ताहिक समीक्षा:  सप्ताह भर की उथल-पुथल के बाद शेयर बाजार सपाट बंद

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. सप्ताह भर की उथल-पुथल के बाद शेयर बाजार सपाट बंद
  2. सेंसेक्स 34,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुआ
  3. 13 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर शेयर बाजार बंद रहे
मुंबई:

बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में सपाट कारोबार देखा गया. इस दौरान सेंसेक्स 34,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुआ. 13 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर शेयर बाजार बंद रहे. सप्ताह के चार कारोबारी दिनों में दो में तेजी और दो में गिरावट दर्ज की गई. साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 5 अंकों या 0.01 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 34,010.76 अंकों पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 2.65 अंकों या 0.02 फीसदी की मामूली कमजोरी रही और यह 10,452.30 अंकों पर बंद हुआ. बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 0.19 फीसदी और स्मॉलकैप सूचकांक में 0.75 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
सोमवार को शेयर बाजार में कारोबार की अच्छी शुरुआत हुई और शेयर बाजार 294.71 अंकों या 0.87 फीसदी की तेजी के साथ 43,300.47 पर बंद हुआ. बुधवार को शेयर बाजारों में एकाएक गिरावट होने लगी जब पंजाब नेशनल बैंक मुंबई की एक शाखा से 1.8 अरब डॉलर के घोटाले का मामला पकड़ा. इसके कारण सेंसेक्स 144.52 अंकों या 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 34,155.95 पर बंद हुआ.

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गुरुवार को बाजार में तेजी लौटी और सेंसेक्स 141.52 अंकों या 0.41 फीसदी की तेजी के साथ 34,297.47 पर बंद हुआ. शुक्रवार को कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन सेंसेक्स 286.71 अंकों या 0.84 फीसदी की गिरावट के साथ 34,010.76 पर बंद हुआ.बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (8.32 फीसदी), इंफोसिस (1.17 फीसदी), कोल इंडिया (0.85 फीसदी) और टाटा स्टील (0.68 फीसदी) प्रमुख रहे. सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - सन फार्मा (1.28 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (0.93 फीसदी), ओएनजीसी (0.61 फीसदी) और लार्सन एंड टुब्रो (0.11 फीसदी). व्यापक आर्थिक मोर्चे पर, देश के औद्योगिक उत्पादन में लगातार दूसरे महीने दिसंबर (2017) में तेजी दर्ज की गई और इसकी वृद्धि दर इसके पिछले साल के समान माह की तुलना में 7.1 फीसदी रही, जबकि नवंबर में यह 8.8 फीसदी रही, जबकि पहले 8.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था. 

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उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित अखिल भारतीय मुद्रास्फीति दर जनवरी में 5.07 फीसदी रही, जबकि दिसंबर में 5.21 फीसदी पर थी. जनवरी में देश के ग्रामीण क्षेत्रों की मुद्रास्फीति दर 5.21 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 4.93 फीसदी रही, जबकि पिछले साल दिसंबर में यह क्रमश: 5.27 फीसदी और 5.09 फीसदी थी. मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति जनवरी में 5 फीसदी रही, जबकि दिसंबर में यह 4.98 फीसदी पर थी. थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित देश की मुद्रास्फीति दर जनवरी में 2.84 फीसदी रही, जबकि दिसंबर में यह 3.58 फीसदी थी और पिछले साल के जनवरी में 4.26 फीसदी थी. वैश्विक मोर्चे पर जर्मनी में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर चौथी तिमाही में 0.6 फीसदी रही, जबकि वार्षिक दर 2.5 फीसदी रही. फेडरल सांख्यिकी कार्यालय ने यह जानकारी दी है. पिछले साल के अंत में फ्रांस की बेरोजगारी दर 9 फीसदी से नीचे रही. देश की साख्यिकी एजेंसी इनसी ने यह यह जानकारी दी है.

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जापान के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की चौथी तिमाही के आंकड़ों से पता चलता है कि इसकी सालाना वृद्धि दर 0.5 फीसदी रही है. अमेरिका का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पिछले महीने 0.5 फीसदी रहा. अन्य आर्थिक आंकड़ों से पता चलता है कि अमेरिका की खुदरा बिक्री में पिछले महीने 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.


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