स्मार्टफोन लेने जा रहे हैं तो इन फीचर्स पर गौर फरमाएं- 5 बातें

आइए जानें कि स्मार्टफोन लेने जा रहे हैं तो किन फीचर्स पर गौर फरमाना चाहिए :

स्मार्टफोन लेने जा रहे हैं तो इन फीचर्स पर गौर फरमाएं- 5 बातें

फाइल फोटो

खास बातें

  • स्मार्टफोन लेते समय कुछ खास बातों का ख्याल रखें
  • फोन की बैटरी, इसका डिस्प्ले और सिक्यॉरिटी सिस्टम कैसा है
  • आपके फोन की स्टोरेज कितनी है, इस बारे में भी पूछताछ जरूर करें
नई दिल्ली:

स्मार्टफोन आज के वक्त की लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत है. क्योंकि, एक अच्छा स्मार्टफोन एक अच्छे असिस्टेंड की तरह काम करता है जो आपकी कई जरूरतों को पूरा करता है. ऐसे में आपको इसके जरूरी फीचर्स पर गौर फरमाना चाहिए. कहीं ऐसा न हो कि आप जल्दबाजी में फोन ले लें और इसके बाद इसके फीचर्स से आप संतुष्ट न हों. आइए जानें कि स्मार्टफोन लेने जा रहे हैं तो किन फीचर्स पर गौर फरमाना चाहिए :
 

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फोन का डिस्प्ले कैसा है..
अक्सर लोग बड़े डिस्प्ले वाला फोन पंसद करते हैं. यानी वह फोन जिसकी स्क्रीन का साइज और रेजॉलूशन बड़ा होता है. ईमेल चेक करने और ब्राउजिंग ज्यादा करने वालों के लिए डिस्प्ले मायने रखता है. और ऐसे में आप 5 या 5.5 इंच डिस्प्ले वाला फोन खरीद सकते हैं. अधिक वीडियो स्ट्रीमिंग यूज करने वाले, फोटो एडिट करने वालों को 5.5 इंच या 6 इंच डिस्प्ले वाला स्मार्टफोन लेने की सलाह दी जा सकती है.

फोन की बैटरी कैसी है..
जी हां, इस फीचर के ही सर्वाधिक मायने हैं यदि आप गौर करें तो. आपका फोन एक कम लाइफ वाली बैटरी के चलते शानदार फीचर्स होने के बावजूद आपके किसी काम का नहीं होगा. वैसे आप फोन को कैसे इस्तेमाल करते हैं, बैटरी उसी हिसाब से खर्च होती है. अगर आप हेवी यूजर हैं तो 3,500 mAh से ज्यादा बैटरी वाला फोन लें और यदि लाइट यूजर्स हैं तो आपके लिए 3000 mAh की बैटरी भी ठीक रहेगी.

आपके फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम यानी OS...
आपके फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम यानी OS कौन सा है, यह काफी मायने रखता है. यदि यह अत्याधुनिक ओएस वाला है तो इसमें मौजूद सभी ऐप्लिकेशन अपडेटेड होंगे. साथ ही फोन के क्रियाकलाप भी स्मूथ रहेंगे.

सिक्यॉरिटी फीचर्स पर भी ध्यान दें..
मंहगा फोन लेते हैं तो सिक्यॉरिटी फीचर्स को इग्नोर कैसे कर सकते हैं. आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन एक्स्ट्रा सिक्यॉरिटी फीचर्स के साथ आते हैं, जैसे कि फिंगरप्रिंट सेंसर और आइरिस सेंसर. सिक्यॉरिटी के मायने केवल फोन को लॉक या अनलॉक करने तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि फाइल्स या ऐप्स के लिए पासवर्ड का काम भी इनके जरिए किया जा सकता है.

आपके फोन की स्टोरेज कितनी है..
आपके फोन की स्टोरेज कितनी है, इस बारे में भी पूछताछ कर लें. दरअसल फोन की इंटरनल स्टोरेज का बड़ा हिस्सा ऑपरेटिंग सिस्टम और फोन में  पहले से ही इंस्टॉल्ड ऐप्स घेर लेता है.

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ऐसे में आपके फोन में बाकी बचा स्पेस  या स्टोरेज कितना होगा, इसकी एक रेंडम कैलकुलेशन जरूर कर लें ताकि आप अन्य ऐप्स आदि का प्रयोग बिना किसी दिक्कत या स्टोरेज की कमी के चलते कर सकें.