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सरकार के इस कदम से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी

बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए, सरकार की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली नीतियों से सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए. सेंसेक्स 33,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया.

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सरकार के इस कदम से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. सरकार के इस कदम से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल
  2. रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी
  3. सेंसेक्स 33,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया
मुंबई: बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए, सरकार की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली नीतियों से सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए. सेंसेक्स 33,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया. इस सप्ताह सेंसेक्स 767.26 अंकों यानी 2.36 फीसदी की बढ़त के साथ 33,157.22 पर जबकि निफ्टी 176.50 अंकों यानी 1.73 फीसदी की बढ़त के साथ 10,323.05 पर रहा. बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 1.88 फीसदी जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 1.3 फीसदी की तेजी रही. सोमवार को शेयर बाजार की सकारात्मक शुरूआत हुई और सेंसेक्स 116.76 अंकों या 0.36 फीसदी की तेजी के साथ 32,506.72 पर बंद हुआ, जो 18 अक्टूबर के बाद अब तक का उच्चतम बंद स्तर है. मंगलवार को वैश्विक बाजारों में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला, जिस वजह से सेंसेक्स 100.62 अंकों या 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 32,607.34 पर बंद हुआ.

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बुधवार यानी 25 अक्टूबर को सरकार द्वारा उठाए गए आर्थिक कदमों से बाजार को बल मिला. सेंसेक्स 435.16 अंकों या 1.33 फीसदी की मजबूती के साथ 33,042.50 पर बंद हुआ. गुरुवार को एक बार फिर शेयरों में तेजी आई और सेंसेक्स 104.63 अंकों या 0.32 फीसदी की तेजी के साथ 33,147.13 पर बंद हुआ, जो रिकॉर्ड उच्च स्तर रहा. कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को सेंसेक्स में हल्की मजबूती रही. इस दौरान सेंसेक्स 10.09 अंकों या 0.03 फीसदी की बढ़त के साथ 33,157.22 पर बंद हुआ. बीते सप्ताह सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयरों में तेजी और आठ में गिरावट रही. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में सर्वाधिक मजबूती, जबकि ल्यूपिन में सर्वाधिक गिरावट रही. 

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सरकार ने मंगलवार यानी 24 अक्टूबर को डूबे कर्ज के बोझ से दबे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डालने के लिए योजना का ऐलान किया. सरकार ने अगले दो वर्षो में बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डालने का फैसला किया है. इसके लिए 1.35 लाख करोड़ रुपये बांड और शेष 76,000 करोड़ रुपये केंद्रीय बजट से दिए जाएंगे. सरकार ने परिवहन व्यवस्था और दुरुस्त और सुगम बनाने के लिए राजमार्ग विकास एवं सड़क निर्माण कार्यक्रम पेश किया. इस सड़क निर्माण कार्यक्रम के तहत 83,677 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा. इसके लिए अगले पांच साल में 6.92 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. 

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वैश्विक मोर्चे पर अक्टूबर महीने में यूरोजोन का उपभोक्त विश्वास सूचकांक में मजबूती रही. यूरोपीय आयोग का कहना है कि मासिक आधार पर अक्टूबर में उपभोक्ता सूचकांक नकारात्मक 1.0 रहा जबकि सितंबर में यह नकारात्मक 1.2 रहा था. चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में शी जिनपिंग को एक बार फिर सीपीसी का महासचिव चुना गया. इसके साथ ही उनकी राजनीतिक विचारधारा को पार्टी के संविधान में भी शामिल किया गया, जिससे वह माओ के बाद चीन के सबसे ताकतवर एवं लोकप्रिय नेता बन गए हैं. इस खबर का वैश्कि एवं घरेलू बाजार पर व्यापक असर देखने को मिला.


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