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खुशखबरी : अगर हो गया यह फैसला तो सस्ती हो जाएंगी कॉल्स दरें

लेकिन इसी बीच एक खबर आ रही है कि टेलिकॉम रेग्युलेरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) उस शुल्क में भी कटौती की तैयारी कर रही है.

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खुशखबरी : अगर हो गया यह फैसला तो सस्ती हो जाएंगी कॉल्स दरें

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. कई कंपनियां अपना रही हैं यह तकनीक
  2. ट्राई कर सकता है फैसला
  3. सस्ती हो जाएंगी कॉल्स दरें
नई दिल्ली: टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियोकी सेवाएं लॉन्च होने के बाद से प्राइस वार थमने का नाम नहीं ले रहा है. दूसरी कंपनियों के पास अपने ग्राहकों को बचाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. लेकिन इसी बीच एक खबर आ रही है कि टेलिकॉम रेग्युलेरिटी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) उस शुल्क में भी कटौती की तैयारी कर रही है जिसमें कनेक्टिंग कॉल्स (आईयूसी) के लिए कंपनियां एक दूसरे को भुगतान करती हैं.  मिल रही जानकारी के मुताबिक अभी आईयूसी की दर 14 पैसे प्रति मिनट है. लेकिन अब इसको 10 पैसे प्रति मिनट से कम की जा सकती है. इसकी वजह यह है कि अब नए वक्त में 4 जी आधारित सेवाएं शुरू हो जाने से  'वोल्ट' VoLTE का इस्तेमाल करने पर जोर दे रही हैं. इससे हर कॉल पर मात्र 3 पैसे प्रति मिनट की ही खर्चा आता है.  जानकारों का कहना है कि जब डाटा के रेट लगातार कम हो रहे हैं तो ऐसे में आईयूसी का 14 पैसे प्रति मिनट काफी ज्यादा है.  

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2003 में हुई थी आईयूसी की शुरुआत
2003 में जब इनकमिंग कॉल फ्री सेवाएं शुरू हुई थीं तो ट्राई ने कॉल करने वाले ऑपरेटर से शुल्क लेने का नियम बनाया था. शुरुआत में इसकी दर 15 पैसे  प्रति मिनट से अधिकतम 50 पैसे तक थी. इतना ही नहीं 1.10 प्रति मिनट तक कैरिज चार्ज भी था. ट्राई ने फरवरी में 2004 में  इस दर को घटाकर 20 पैसे प्रति मिनट कर दिया. इसके बाद 2015 में इसको 14 पैसे प्रति मिनट कर दिया था.

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