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न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह अब तय हो न्यूनतम बिक्री मूल्य : संजीव बालयान

आलू, प्याज और टमाटर जैसी फसलों के लिए कानून के जरिए अगर न्यूनतम बिक्री मूल्य तय हो तो किसानों का शोषण रोकने में मिलेगी मदद

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न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह अब तय हो न्यूनतम बिक्री मूल्य : संजीव बालयान

केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान ने कहा है कि अब देश में सभी फसलों के लिए कानून बनाकर न्यूनतम बिक्री मूल्य तय होना चाहिए.

खास बातें

  1. किसानों को सबसे ज्यादा शिकायत न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर
  2. सिर्फ 22 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है सरकार
  3. आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने उठाया शोषण पर सवाल
नई दिल्ली:

केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री संजीव बालयान ने कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह अब देश में सभी फसलों के लिए कानून बनाकर न्यूनतम बिक्री मूल्य तय होना चाहिए. संजीव बालयान ने एनडीटीवी से बातचीत में यह बात कही.
 
देश में किसानों की सबसे ज्यादा नाराजगी उनकी फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने को लेकर है. अब केन्द्र सरकार पर न्यूनतम समर्थम मूल्य की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर दबाव बढ़ने लगा है. फिलहाल देश में सिर्फ 22 फसलों के लिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है. केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान कहते हैं कि आलू, प्याज और टमाटर जैसी फसलों के लिए कानून के जरिए अगर न्यूनतम बिक्री मूल्य तय होता है तो इससे किसानों का शोषण रोकने में काफी मदद मिलेगी.

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाद भारतीय किसान संघ राजस्थान में विरोध प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी में है. इन तीनों राज्यों में किसानों को सबसे ज्यादा शिकायत न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर है. केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री का यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जिस तरह से किसानों के आंदोलन का दायरा बढ़ता जा रहा है उसको लेकर सरकार की चिंता भी बढ़ती जा रही है.


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एक मंत्री का बयान ऐसे वक्त पर आया है जब आरएसएस से जुड़े भारतीय किसान संघ ने सार्वजनिक तौर पर यह सवाल उठाया है कि राजस्थान में बीजेपी सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने में नाकाम रही है.

भारतीय किसान संघ के आल इंडिया सेक्रेटरी मोहिनी मोहन मिश्रा ने सोमवार को एनडीटीवी से कहा था कि चना, मूंगफली, सरसों और तुअर की फसलों की जो कीमत राजस्थान के किसानों को मिली है वह इन फसलों के लिए तय न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है. इसके विरोध में भारतीय किसान संघ ने 15 जून से तीन दिनों तक राजस्थान में आठ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है.



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