NDTV Khabar

इस्लामिक बैंकिंग पर आरबीआई ने की 'फाइल बंद', जानें क्या होती है शरिया बैंकिंग

रिजर्व बैंक ने कहा है कि सभी लोगों के सामने बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के समान अवसर पर विचार किये जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
इस्लामिक बैंकिंग पर आरबीआई ने की 'फाइल बंद', जानें क्या होती है शरिया बैंकिंग

क्या आप जानते हैं क्या है इस्लामिक बैंकिंग या शरीया बैकिंग? (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में शरीया के सिद्धांतों पर चलने बैंकिंग व्यवस्था शुरू करने के प्रस्ताव पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का निर्णय लिया है. आरबीआई ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गये एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि सभी लोगों के सामने बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के समान अवसर पर विचार किये जाने के बाद यह निर्णय लिया गया है.

 बिमल जालान बोले- बैंकों का पुनर्पूंजीकरण सकारात्मक कदम, पहले उठाना था

क्या आप जानते हैं क्या है इस्लामिक बैंकिंग या शरीया बैकिंग? आइए जानें...

दरअसल इस्लामिक बैंकिंग में बैंक पैसे के ट्रस्ट्री की भूमिका में होता है और बैंक में जो लोग पैसे जमा करवाते है वे जब मर्जी यहां से पैसा निकाल सकते हैं. लेकिन एक बात यह भी है कि इस बैकिंग प्रणाली में सेविंग्स बैंक अकाउंट पर ब्याज नहीं दिया जाता. यानी आपके जमा के पैसे पर बैंक आपको ब्याज नहीं देगा. इस्लामिक कानून में  लोन देने और लोन लेने वाले दोनों ही पार्टियों पर समान रिस्क होता है और यदि पैसा डूबता है इसकी जिम्मेदारी दोनों पर मानी जाती बताई जाती है.

टिप्पणियां
VIDEO : नोटबंदी पर आरबीआई के आंकड़ों के बाद छिड़ी बहस 

इसके अलावा इस्लामिक बैंकिंग में शराब, जुआ जैसे गलत समझे जाने वाले धंधों में निवेश करने की अनुमति नहीं है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement