इंडिगो ने किया साफ, मुनाफे का सौदा होगा तभी लगाएंगे एयर इंडिया के लिए बोली

इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 41 प्रतिशत की है.

इंडिगो ने किया साफ, मुनाफे का सौदा होगा तभी लगाएंगे एयर इंडिया के लिए बोली

इंडिगो ने औपचारिक तौर पर घाटे में चल रही एयर इंडिया के अधिग्रहण की इच्छा जताई है... (फाइल फोटो)

खास बातें

  • इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है.
  • घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई.
  • आदित्य घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं.
नई दिल्‍ली:

निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी इंडिगो सार्वजनिक क्षेत्र की संकटग्रस्त एयरलाइन एयर इंडिया के अधिग्रहण की दौड़ में है. हालांकि, इंडिगो के अध्यक्ष आदित्य घोष ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि एयर इंडिया के लिए बोली तभी लगाई जाएगी, जबकि यह मुनाफे का सौदा साबित हो और इससे हमारे कर्मचारियों का हित प्रभावित न हों.

विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन बनने की मंशा जताते हुए इंडिगो पहली एयरलाइन हो गई है, जिसने औपचारिक तौर पर घाटे में चल रही एयर इंडिया के अधिग्रहण की इच्छा जताई है. सरकार ने एयर इंडिया के विनिवेश की घोषणा की है और इसके तौर-तरीके पर काम चल रहा है.

इंडिगो भारतीय बाजार की सबसे बड़ी एयरलाइन है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 41 प्रतिशत की है. इंडिगो का इरादा एयर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय परिचालन के अलावा उसकी मुनाफे वाली बजट एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिग्रहण का है.

घोष ने नागर विमानन मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि विकल्प के रूप में हम एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी परिचालन का अधिग्रहण करने के इच्छुक हैं. एयर इंडिया के विनिवेश में रूचि जताने के बाद घोष ने इंडिगो के कर्मचारियों को पत्र लिखकर इस कदम के पीछे की वजह बताई है. उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि प्रत्येक कार्रवाई एयरलाइन के हितों को ध्यान में रखकर की जाएगी. घोष कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक भी हैं.

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उन्होंने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा, 'मैं स्पष्ट कर दूं कि यदि यह मुनाफे वाला सौदा नहीं होता है और इससे हमारे कर्मचारियों, ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए मूल्यवर्धन नहीं होता है, तो हम इस यात्रा पर नहीं निकलेंगे'.

(इनपुट भाषा से)