THE एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग: टॉप 100 में भारत के 8 इंस्टीट्यूट, IIS ने IIT को पीछे छोड़ा

टॉप 100 में आईआईटी दिल्ली की रैंक 67वीं है, जबकि आईआईटी मुंबई की रैंक 69वीं है. आईआईटी रुड़की और भी ज्यादा नीचे है और उसे 83वें स्थान पर रखा गया है. 

THE एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग: टॉप 100 में भारत के 8 इंस्टीट्यूट, IIS ने IIT को पीछे छोड़ा

टॉप 100 में आईआईटी दिल्ली की रैंक 67वीं आई है.

नई दिल्ली:

टाइम हायर एजुकेशन (Time Higher Education) ने इस साल की एशिया यूनिवर्सिटी रैकिंग (THE Asia University Rankings) की घोषणा कर दी है. भारत के 56 इंस्टीट्यूट्स या यूनिवर्सिटी इस प्रोग्राम में शामिल हुए थे, जिनमें से 8 टॉप 100 में जगह बना पाए हैं. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है और उसने 36वीं रैंक हासिल की है. 

आईआईएस (IISc) के अलावा देश के कई आईआईटी ने भी टॉप 100 में रैंक हासिल की है. आईआईटी रोपड़ 47वें स्थान पर है तो आईआईटी इंदौर को 55वीं रैंक मिली है. जबकि आईआईटी खड़गपुर की रैंक 59 है. दिल्ली, मुंबई और रुड़की आईआईटी रैंक में और भी नीचे हैं. 

टॉप 100 में आईआईटी दिल्ली की रैंक 67वीं है, जबकि आईआईटी मुंबई की रैंक 69वीं है. आईआईटी रुड़की और भी ज्यादा नीचे है और उसे 83वें स्थान पर रखा गया है. 

बता दें कि THE एशिया यूनिवर्सिटी रैकिंग (THE Asia University Rankings) में अलग-अलग मुल्कों के इंस्टीट्यूट्स का कई मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है. इंस्टीट्यूट्स की रिसर्च, टीचिंग, आय, प्रशंसा पत्र और अंतरराष्ट्रीय एप्रोच यानी विदेश छात्रों की संख्या जैसे आधार पर स्कोर किया जाता है. 

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इस साल THE एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग के टॉप 100 में आईआईटी रोपड़ ने पहली बार जगह बनाई है. आईआईटी रोपड़ की पहचान नई जनरेशन के इंस्टीट्यूट्स के तौर पर होती है. द हायर एजुकेशन (THE) की तरफ से कहा गया है कि आईआईटी रोपड़ ने साइटेशन में टॉप स्कोर हासिल किया है, लेकिन उसे अभी बाकी चार अन्य मानकों पर भी काफी सुधार की जरूरत है. 

वहीं, इस रैंकिंग में भारतीय संस्थानों व यूनिवर्सिटीज के खराब प्रदर्शन की असल वजह अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कमी मानी गई है. जो आठ भारतीय इंस्टीट्यूट्स टॉप 100 में जगह बना पाए हैं उनमें से आईआईटी रोपड़, आईआईटी इंदौर, आईआईटी खड़गपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी में विदेशी छात्रों की संख्या जीरो है. जबकि आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मुंबई और IIS में सिर्फ 1 फीसदी तो आईआईटी रुड़की में 2 फीसदी ही विदेशी छात्र हैं.