डिस्टेंस लर्निंग के जरिए करिए जामिया मिलिया इस्लामिया से कोर्स

डिस्टेंस लर्निंग के जरिए करिए जामिया मिलिया इस्लामिया से कोर्स

जामिया मिलिया इस्लामिया के जरिए दूरस्थ शिक्षा से भी डिग्री हासिल की जा सकती है।

जामिया के सेंटर फॉर डिस्टेंस ऐंड ओपन लर्निंग (सीडीओएल) में पोस्टग्रेजुएट, अंडरग्रेजुएट, पीजी डिप्लोमा, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट लेवल पर 19 कोर्स में एडमिशन दिया जाता है। एमए लेवल पर इंग्लिश, सोशियॉलजी, एचआरएम, एजुकेशन, हिंदी, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन और  एमकॉम कोर्स उपलब्ध हैं जबकि ग्रेजुएशन लेवल पर बीए आर्ट्स (जनरल), बीकॉम, बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड), बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए), बैचलर ऑफ इंटरनैशनल बिजनस ऐंड फाइनैंस कोर्सेज में एडमिशन होता है।

इसके अलावा गाइडेंस व काउसलिंग और जियोइंफोर्मैटिक्स में, डिप्लोमा इन अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन के कोर्सेज हैं। कंप्यूटर हार्डवेयर एंड नेटवर्क टेक्नोलॉजी और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में सर्टिफिकेट कोर्स होते हैं।

कैसे करें आवेदन
ऑनलाइन ऐडमिशन फॉर्म और प्रोसपेक्टस यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जारी किए गए हैं। इन्हें यहां से डाउनलोड किया जा सकता है। आवेदन भर कर सीधे सीडीओएल या अपने स्टडी सेंटर पर जमा किए जा सकते हैं। डाउनलोड किए गए फॉर्म की फोटोकॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। आवेदन के साथ बीएड कोर्स के लिए 500 रुपये और अन्य सभी कोर्स के लिए 300 रुपए के जामिया मिलिया इस्लामिया के नाम पर बने डिमांड ड्राफ्ट के साथ जमा किए जा सकते हैं।

आवेदन की हार्ड कॉपी सीधे मकतबा जामिया लिमिटेड, जामिया मिलिया इस्लामिया से बीएड के लिए 700 रुपये और अन्य कोर्स के लिए 500 रुपये देकर लिए जा सकते हैं।

आवेदन जमा करने की तारीख
आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2016 है। आवेदन 200 रुपये के लेट फाइन के साथ 20 सितंबर तक जमा किए जा सकते हैं।

दाखिले की प्रक्रिया
दाखिले के लिए शॉर्टलिस्ट किए छात्रों को आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख के एक सप्ताह बाद यूनिवर्सिटी वेबसाइट या स्टडी सेंटर के जरिए सूचित किया जाएगा।

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सीटों की संख्या
आमतौर पर दूरस्थ कोर्स के लिए सीटों की कोई तय संख्या नहीं है। हालांकि बीएड के लिए सीटों की संख्या 50 तक होगी।

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आरक्षण
आरक्षण के जामिया मिलिया इस्लामिया के सामान्य कोर्स के नियम ही लागू होंगे।  
सभी कोर्स में 30 फीसदी सीटें मुस्लिम अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी।
10 फीसदी सीटें महिला मुस्लिम अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होंगी।
10 फीसदी सीटें मुस्लिम ओबीसी और एसटी उम्मीवादों के लिए आरक्षित होंगी।
3 फीसदी सीटें दिव्यांगों के लिए आरक्षित होंगी।
5 फीसदी सीटें ऐसे छात्रों के लिए आरक्षित होंगी जिन्होंने क्वॉलिफाइंग परीक्षा जामिया मिलिया इस्लामिया (रेगुलर) से पास की हो।