लॉकडाउन के बीच हरियाणा सरकार का फैसला, पहली क्‍लास से 12वीं तक के स्टूडेंट्स की इस तरह कराई जाएगी पढ़ाई

हरियाणा सरकार ने पहली से 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स को ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए पढ़ाने का फैसला किया है.

लॉकडाउन के बीच हरियाणा सरकार का फैसला, पहली क्‍लास से 12वीं तक के स्टूडेंट्स की इस तरह कराई जाएगी पढ़ाई

हरियाणा में स्टूडेंट्स को मोबाइल फोन पर व्हाट्सऐप के जरिए पढ़ाया जाएगा.

नई दिल्ली:

Coronavirus Lockdown: कोरोनावायरस महामारी के चलते देशभर के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं. लंबे समय से स्कूल बंद होने की वजह से स्टूडेंट्स की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है. इसको ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने पहली से 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स को ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए पढ़ाने का फैसला किया है. इसके लिए एजुकेशन डिपार्टमेंट ने www.haryanaedusat.com वेबसाइट भी तैयार कर दी है, जिसकी मदद से स्टूडेंट्स घर बैठे ही पढ़ाई कर सकेंगे. 

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा, "जब तक स्कूल खुल नहीं जाते तब तक स्टूडेंट्स को घर पर रहकर ही अपने पेरेंट्स और टीचर्स की मदद से ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के जरिए ही पढ़ाई करनी होगी." उन्होंने आगे कहा, "हर साल नया एकेडमिक सत्र 1 अप्रैल से ही शुरू होता है, लेकिन इस बार देश में लगे लॉकडाउन की वजह से नया सेशन शुरू नहीं किया जा सकता है." 

उन्होंने ये भी कहा कि इस वेबसाइट पर दूसरी कई वेबसाइट्स के लिंक भी मौजूद होंगे, जैसे 'DIKSHA' और 'ChalkLit'. उन्होंने ये भी बताया कि टेस्टिंग प्लेटफॉर्म (ऑब्जेक्टिव टाइप क्वेश्चन बैंक) भी वेबसाइट पर मौजूद हैं, जो स्टूडेंट्स को रोजाना उनकी पढ़ाई में मदद करेंगे. 


इसके अलावा वेबसाइट पर स्टूडेंट्स के लिए जनरल टाइम टेबल भी बनाया जाएगा.  इसके तहत टीचर्स को मोबाइल फोन और व्हाट्सऐस के माध्यम से स्टूडेंट्स को रोजाना सुबह 9.30 बजे से 12.30 बजे तक पढ़ाना होगा. 

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वहीं, हाल ही में हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐलान किया कि इस बार 10वीं क्लास का साइंस का पेपर और 11वीं क्लास का मैथ्स का पेपर आयोजित नहीं किया जाएगा. दूसरे पेपर के नंबर्स आधार पर स्टूडेंट्स को अगली क्लास में प्रमोट किया जाएगा और एग्जाम बाद में आयोजिए किए जाएंगे. इससे पहले मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा में पहली कक्षा से 8वीं तक के स्कूली छात्रों को बिना एग्जाम दिए ही पास करने का फैसला सुनाया था.