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BPSC मुख्य परीक्षा की तिथि को लेकर विरोध-प्रदर्शन, UPSC प्री के बाद कराने की मांग

BPSC मुख्य परीक्षा की तिथि को लेकर विरोध-प्रदर्शन, UPSC प्री के बाद कराने की मांग

नयी दिल्ली:

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) मुख्य परीक्षा की तिथि के मुद्दे पर छात्रों ने दिल्ली स्थित बिहार भवन पर धरना प्रदर्शन किया। परीक्षा की तैयारी कर रहे बहुत से विद्यार्थियों ने राज्य में भी प्रदर्शन किया। बिहार भवन पर छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद पप्पू यादव ने किया।

छात्रों ने मांग की है कि बीपीएससी मुख्य परीक्षा की तारीख को सात अगस्त को होने वाली संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा के बाद निर्धारित किया जाए। इस मुद्दे पर उठे विवाद के बीच बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी मुख्य परीक्षा की तिथि 8 जुलाई से 30 जुलाई के बीच कराने का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष एवं सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि बीपीएससी मुख्य परीक्षा देने वाले छात्र परेशान हैं। वे अपनी परेशानी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बता चुके हैं लेकिन मुख्यमंत्री आंखे मूंदे हुए हैं। प्रशासनिक सेवा के इन अभ्यर्थियों की उन्हें कोई चिंता नहीं है और यह बिहार के हितों के खिलाफ है क्योंकि यही छात्र आने वाले दिनों में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।

यूपीपीएससी की तिथि में हो चुका है बदलाव
उन्होंने आरोप लगया कि नीतीश और लालू को इन छात्रों के हितों की कोई चिंता नहीं है। उत्तर प्रदेश की सरकार ने यूपीपीएससी की तिथि में बदलाव कर दिया और अपने छात्रों को राहत दी । लेकिन बिहार सरकार को छात्रों की कोई चिंता नहीं है क्योंकि बीपीसीएसी परीक्षा देने वाले दो.चार सौ या हजार छात्रों की परेशानी वोट बैंक का विषय नहीं है ।

दोनों परीक्षा का पैटर्न अलग-अलग 
प्रदर्शन करने वाले छात्र हरेन्द्र कुमार, रजंन राज यादव, रूबी चौधरी, असगर अली, अंजली मिश्रा, संजीव कुमार आदि ने कहा कि हमारी मांग है कि बीपीएससी मुख्य परीक्षा की तिथि संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के बाद निर्धारित की जाए क्योंकि दोनों परीक्षा का पैटर्न अलग अलग है और इससे छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस बारे में बीपीएससी मुख्य परीक्षा की तैयारी करने वाले कई छात्र गत बुधवार को शिकायत लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास एक अणे मार्ग गये थे और मुख्यमंत्री ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।