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Byju's के फाउंडर रवींद्रन कभी पढ़ाते थे स्कूल में अब बने भारत के नए अरबपति

Byju's के फाउंडर बायजू रवींद्रन भारत के नए अरबपति बन गए हैं. उनकी कंपनी BYJU's लगभग 6 बिलियन डॉलर की कंपनी बन गई है.

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Byju's के फाउंडर रवींद्रन कभी पढ़ाते थे स्कूल में अब बने भारत के नए अरबपति

Byju's Raveendran: बायजू का रेवेन्यू 3,000 करोड़ ($ 435 मिलियन) पहुंचने की उम्मीद है.

खास बातें

  1. Byju's के फाउंडर रवींद्रन भारत के नए अरबपति बन गए हैं.
  2. वह पहले शिक्षक थे.
  3. रवींद्रन ने 2015 में ऑनलाइन लर्निंग ऐप बायजू लॉन्च किया था.
नई दिल्ली:

बायजू (BYJU's) के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) भारत के नए अरबपति बन गए हैं. रवींद्रन पहले टीचर थे. ऑनलाइन एजुकेशन में काम कर रही उनकी कंपनी BYJU's लगभग 6 बिलियन डॉलर की कंपनी बन गई है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक रवींद्रन (Raveendran) की कंपनी थिंक एंड लर्न ने इस इस महीने की शुरुआत में 150 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी. रवींद्रन के पास कंपनी के 21% से ज्यादा शेयर हैं. रवींद्रन ने 2015 में ऑनलाइन लर्निंग ऐप बायजू लॉन्च किया था. इस ऐप के 3.5 करोड़ यूजर, 24 लाख पेड सब्सक्राइबर हैं. बायजू (Byju's) के यूजर्स काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. रवींद्रन ने एक बार कहा था कि वे देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐसा काम करना चाहते हैं जो डिज्नी ने मनोरंजन के लिए किया है. उन्होंने अपने नए लर्निंग ऐप में डिज्नी के सिंबा और अन्ना कैरेक्टर को भी शामिल किया है. रवींद्रन ने कहा था कि ऐप के जरिए बच्चे सीखना शुरू करें उससे पहले सिंबा उन्हें आकर्षित करेगा.

रवींद्रन का कहना है कि ऑनलाइन लर्निंग में बायजू तेजी से बढ़ रहा है. इसका रेवेन्यू दोगुना से भी अधिक होने की उम्मीद है. मार्च 2020 तक इसका रेवेन्यू 3,000 करोड़ ($ 435 मिलियन) पहुंचने की उम्मीद है. ऑनलाइन लर्निंग इंडस्ट्री में बायजू के कदम रखने के बाद कंपनी ने फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग तक का ध्यान खींचा था. साल 2016 में मार्क ज़करबर्ग फाउंडेशन (सीज़ेडआई) और चार दूसरे कैपिटल वेंचर से बायजू को  50 मिलियन डॉलर (333 करोड़ रुपये) का फंड मिला था.


बता दें कि दक्षिण भारत के तटवर्ती गांव में जन्मे रवींद्रन के मां-पिता स्कूल टीचर थे. रवींद्रन का मन स्कूल में नहीं लगता था. रवींद्रन अक्सर फुटबॉल खेलने चले जाते थे और बाद में घर पर पढ़ाई करते थे. पढ़ाई पूरी कर रवींद्रन इंजीनियर बन गए और परीक्षा की तैयारी में छात्रों की मदद करने लगे. उनकी क्लासेज में स्टूडेंट इतने बढ़ गए कि उन्होंने स्टेडियम में एक साथ हजारों छात्रों को पढ़ाना शुरू कर दिया. इस तरह रवींद्रन एक सेलेब्रिटी टीचर बन गए थे.

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