CBSE 10th Result 2017: आपको मिला है कौन सा ग्रेड और क्या है इसका मतलब

CBSE 10th Result 2017: एक्सटर्नल पेपर्स में थ्योरी/प्रैक्टिकल पेपरों का मूल्यांकन अंकों में होता है. एक्सटर्नल एग्जामिनेशन की स्थिति में बोर्ड मार्कशीट में ग्रेड भी दर्शाएगा. लेकिन इंटर्नल असेसमेंट विषयों की स्थिति में बोर्ड केवल ग्रेड दर्शाएगा.

CBSE 10th Result 2017: आपको मिला है कौन सा ग्रेड और क्या है इसका मतलब

CBSE 10th Result 2017: जानिए ग्रेडिंग सिस्टम को

कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के लिए सीबीएसई अब ग्रेड देती है. इसके तहत छात्रों को कुल प्रतिशत देने की बजाय बोर्ड उन्हें हर विषय में ग्रेड और ओवरऑल ग्रेड देता है. 10+2 में एडमिशन के दौरान कई अन्य बोर्ड ग्रेडिंग सिस्टम को स्वीकार करते हैं. लेकिन कुछ ऐसे शिक्षा बोर्ड भी हो सकते हैं जिन्हे्ं इंटरमीडिएट में एडमिशन के लिए छात्रों द्वारा बराबर मार्क्स या प्रतिशत सब्मिट करने की आवश्यकता पड़ती हो. ऐसी स्थिति में सीबीएसई के ग्रेडिंग सिस्टम को समझना बेहद जरूरी है. 

एक्सटर्नल पेपर्स में थ्योरी/प्रैक्टिकल पेपरों का मूल्यांकन अंकों में होता है. एक्सटर्नल एग्जामिनेशन की स्थिति में बोर्ड मार्कशीट में ग्रेड भी दर्शाएगा. लेकिन इंटर्नल असेसमेंट विषयों की स्थिति में बोर्ड केवल ग्रेड दर्शाएगा. 

एक्सर्टनल एग्जाम में नाइन प्वाइंट स्केल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि इंटर्नल एग्जाम में फाइव प्वाइंट स्केल A,B,C,D & E सिस्टम चलता है. 

एक्सर्टल एग्जाम में ग्रेड एक्सर्टल एग्जाम में प्राप्तांकों के आधार पर दिए जाते है. इंटर्नल एग्जाम में यह स्कूल द्वारा दिए जाते हैं. 

स्टूडेंट्स को ग्रेड देने के लिए बोर्ड सभी पास विद्यार्थियों को एक रैंक ऑर्डर में रखता है और नीचे दिए सिस्टम के आधार पर ग्रेड देता है:

किन स्टूडेंट्स को दिया जाता है कौन सा ग्रेड

A-1: पास उम्मीदवारों के शीर्ष 1/8

A-2: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

B-1: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

B-2: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

C-1: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

C-2: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

D-1: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

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D-2: पास उम्मीदवारों में अगले 1/8

E:  फेल उम्मीदवार