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सीबीएसई की हेल्पलाहन पर छात्राओं की तुलना में छात्रों के फोन ज्यादा 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हेल्पलाइन पर एक फरवरी से मई 2016 के बीच लड़कियों की तुलना में लड़कों के तीन गुना अधिक फोन आए.

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सीबीएसई की हेल्पलाहन पर छात्राओं की तुलना में छात्रों के फोन ज्यादा 

सीबीएसई दफ्तर की फाइल फोटो

नई दिल्ली: छात्रों की काउंसलिंग के लिए सीबीएसई द्वारा शुरू की गई हेल्पलाइन नंबर पर छात्राओं की तुलना में छात्रों के फोन ज्यादा आए. सीबीएसई के अनुसार छात्रों ने इस दौरान परीक्षा संबंधी सवाल ज्यादा पूछे. गौरतलब है कि हर साल  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) का यह सालाना कार्यक्रम फरवरी से शुरू होकर अप्रैल तक चलता है , जिसमें छात्रों की परीक्षा संबंधी चिंताओं को दूर किया जाता है और उन्हें सलाह दी जाती है. हालांकि छात्र परीक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद भी लगातार फोन करते रहते हैं और काउंसलिंग टीम उनके तनाव संबंधी सवालों का समाधान करने की कोशिश करती है. इन सवालों में बच्चों - अभिभावकों के साथ हुए विवाद से लेकर कोई विषय याद करने में परेशानी और अन्य समस्याओं के चलते होने वाले तनाव शामिल हैं.

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार हेल्पलाइन पर एक फरवरी से मई 2016 के बीच लड़कियों की तुलना में लड़कों के तीन गुना अधिक फोन आए. गौरतलब है कि बोर्ड इस साल अब तक 3467 कॉलर की काउंसलिंग कर चुका है , जिनमें से 74 करियर से संबंधित फोन थे.

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हेल्पलाइन पर 373 अभिभावकों ने फोन किया , शेष 3094 फोन छात्रों ने किए. इनमें महज 962 फोन लड़कियों के थे , जबकि लड़कों के फोन की संख्या 2132 थी. हेल्पलाइन नंबर पर दिव्यांग बच्चों ने 17 फोन किए और ऐसे बच्चों के अभिभावकों ने आठ फोन किए.

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VIDEO: सीबीएसई केस में गिरफ्तारी.


इस साल टोल फ्री नंबर 800118004 पर मिली फोन कॉल पर भारत एवं विदेशों में स्थित कुल 91 काउंसलरों ने छात्रों के सवालों का जवाब दिया. इस नंबर पर सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक देश के किसी भी हिस्से से फोन किए जा सकते हैं. (इनपुट भाषा से) 
 


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