NDTV Khabar

दिल्ली जुडिशल सर्विस परीक्षा में टॉपर बनी शिप्रा ने बताया सफलता का राज

देश भर में जुडिशल सर्विसेज के लिए होने वाली परीक्षाओं में दिल्ली जुडिशल सर्विस एग्जाम सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
दिल्ली जुडिशल सर्विस परीक्षा में टॉपर बनी शिप्रा ने बताया सफलता का राज

शिप्रा जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल से लॉ ग्रेजुएट हैं

नई दिल्ली:

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) द्वारा आयोजित दिल्ली जुडिशल सर्विस एग्जाम (Delhi judicial services exam) 2018 में शिप्रा को ने पहली रैंक हासिल की है. देश भर में जुडिशल सर्विसेज के लिए होने वाली परीक्षाओं में दिल्ली जुडिशल सर्विस एग्जाम सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक है. जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल से लॉ ग्रेजुएट शिप्रा के पिता आईएएस अफसर हैं. एनडीटीवी से बातचीत में शिप्रा ने बताया कि वो हमेशा से जुडिशल सर्विसेज में जाना चाहतीं थीं और उन्होंने बस उसी के लिए खुद को तैयार किया. वह बताती हैं कि उन्होंने लगातार तीन सालों तक इस परीक्षा की तैयारी करती रहीं क्योंकि कई राज्यों मे न्यायिक सेवा परीक्षा का आयोजन नहीं हो रहा था. 

ये है 10वीं के टॉपर्स की लिस्ट, खोला सफलता का राज


दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम के सिलेबस को शिप्रा ने अपनी तैयारी के दौरान कई बार दोहराया और उन्हें लगता है कि भले ही आपको ये बोरिंग लगे पर सफलता के लिए ये बहुत जरूरी है. "बेयर एक्ट्स' की समझ और भाषा पर पकड़ को शिप्रा इस परीक्षा के लिए काफी अहम मानतीं हैं. शिप्रा का कहना है कि अगर भाषा पर आपका अच्छा कमांड है तो परीक्षा में आपके उत्तर बाकि लोगों से अलग दिखेंगे और वही आपको बाकी छात्रों से अलग करेगा. 

lpt79br8
टिप्पणियां

CBSE 10th Result 2018: टॉपर्स ने बताया सफलता का राज, करते थे ऐसा

बता दें इस परीक्षा के तीन चरण होते हैं, प्री, मेंस और इंटरव्यू. प्री में अधिकतर सवाल 'बेयर एक्ट्स' से पूछे जाते हैं, जबकि मेंस में आपकी विश्लेषण की क्षमता और भाषा पर आपकी पकड़ की परीक्षा ली जाती है. मेंस परीक्षा में 'बेयर एक्ट्स' ले जाने की अनुमति होती है. इसमें आईपीसी, सीआरपीसी, एविडेंस एक्ट, सीपीसी पर आपको खास ध्यान देना चाहिए और साथ ही कानूनी मुद्दों से जुड़े करंट अफेयर्स पर भी काफी ध्यान देना चाहिए. भारतीय न्यायपालिका में भी बाकी दूसरे प्रोफेशन की तरह महिलाओं की काफी कमी है चाहे वो वकील हों या जज, चाहे वो निचली अदालत हों या ऊपरी अदालत, पर शिप्रा कई युवाओं और ख़ास कर लड़कियों को जुडिशल सर्विसेज में जाने को प्रेरित कर सकतीं है.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement