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सैलरी नेगोश‍िएट करते वक्‍त भूलकर भी न कहें ये 6 बातें

अगर तैयारी पहले से हो तो नई कंपनी में मन मुताबिक ऑफर म‍िल जाता है. लेकिन तैयारी के बावजूद ज्‍यादातर लोग सैलरी नेगोश‍िएट करते वक्‍त ऐसी बातें बोल जाते हैं जो सारे क‍िए धरे पर पानी फेरने के लिए काफी होती हैं.

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सैलरी नेगोश‍िएट करते वक्‍त भूलकर भी न कहें ये 6 बातें

सैलरी नेगोश‍िएट करते वक्‍त कुछ बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है

खास बातें

  1. सैलरी के बारे में बात करते वक्‍त पर्सनल बातें न करें
  2. आपकी पर्सनल परेशान‍ियों से क‍िसी को लेन देना नहीं
  3. अपने काम के बारे में बात करें और बताएं क‍ि आप ड‍िजर्विंग हैं
नई द‍िल्‍ली : अगर तैयारी अच्‍छी हो तो सैलरी नेगोश‍िएट करना आसान हो जाता है. जिस कंपनी में जॉब की बात कर रहे हैं अगर उसके बारे में पहले से थोड़ी बहुत रिसर्च कर लेंगे तो खुद को बेहतर ढंग से पेश कर पाएंगे. हालांकि ढेर सारी तैयारी के बावजूद सैलरी डिस्‍कस करते वक्‍त लोग कई बार ऐसी बातें बोल जाते हैं जो उनके पक्ष में नहीं जातीं. यहां पर हम आपको ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बता रहे हैं जिन्‍हें सैलरी नेगोश‍िएट करते वक्‍त बिलकुल नहीं कहना चाहिए:

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1. 'मेरी शादी हो रही है या मैं अपना घर बदल रही/रहा हूं' 
इस बात को अच्‍छी तरह समझ लीजिए कि इससे किसी को फर्क नहीं पड़ता है. आपकी पर्सनल परेशानियां आपकी हैं और उनसे किसी को लेना-देना नहीं है. और आप इस बात की उम्‍मीद मत कीजिए कि आपकी दुखभरी कहानी सुनकर इंटरव्‍यू लेने वाले का दिल पसीज जाएगा. बेहतर होगा कि इंटरव्‍यू के दौरान पर्सनल बातें करने से बचें. चाहे पर्सनल परेशानियो की वजह से आप पर बहुत कुछ गुजर रही हो तब भी उन के बारे में इंटरव्‍यू में बात करना बिलकुल भी सही नहीं है. इसके बजाए अपने काम के बारे में बात करें. 

2. 'सॉरी' शब्‍द का इस्‍तेमाल 
माफी मांगने की जरूरत नहीं है. हम सॉरी शब्‍द का इस्‍तेमाल धड़ल्‍ले से करते हैं खासकर किसी बड़े आदमी से बात करते वक्‍त. लेकिन इंटरव्‍यू के दौरान सैलरी डिस्‍कशन में ऐसा कुछ नहीं होता है जिसके लिए आपको माफी मांगनी पड़े. आप अपने पैसों के बारे में बात कर रहे हैं जो आपका अध‍िकार है. इसे लेकर शर्मिंदा या असहज होने की जरूरत नहीं है. आप पैसों के लिए ही कड़ी मेहनत कर रहे हैं और नई चुनौतियों को लेने का साहस दिखा रहे हैं. 

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3. 'मुझे सैलरी हाइक की जरूरत है' 
क्‍या वाकई आपको इसकी जरूरत है? और अगर जरूरत है तो भी क्‍या? कहने का मतलब है कि सैलरी के बारे में बात करते हुए इस पर जोर देना कि जरूरत है इसलिए मांग रहे हैं, कहना सरासर गलत है. हर किसी को ज्‍यादा सैलरी चाहिए. लेकिन जरूरी बात ये है कि क्‍या वो डिजर्व करते हैं. सैलरी नेगोश‍िएट करते वक्‍त 'जरूरत' है कहने के बजाए कहिए कि आप डिजर्व करते हैं इसलिए इतनी सैलरी चाहिए. 

4. 'मेरे पास ज्‍यादा सैलरी वाला दूसरा ऑफर भी है' 
अगर है तो फिर ऑफर ले लीजिए. दूसरी कंपनी आपको ज्‍यादा पैसे दे रही है और यही आपके लिए सबकुछ है तो फिर आपने अब तक उस ऑफर को ले लिया होता. तो इस कार्ड को खेलने के बजाए जिस कंपनी में सैलरी के बारे में बात कर रहे हैं उसी ऑफर पर डिस्‍कशन करने में ही आपकी भलाई है. 

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5. 'मुझे काफी समय से सैलरी हाइक नहीं म‍िला है' 
आपको अपनी बात इस तरह रखनी चाहिए जिससे ऐसा न लगे कि आप पिछली कंपनी में हाइक न म‍िलने की शिकायत कर रहे हैं. अगर आप उनका ध्‍यान इस ओर दिलाएंगे कि आपको काफी समय से हाइक नहीं मिल पाया है तो वे समझेंगे कि अब भी आपको ज्‍यादा सैलरी देने का कोई मतलब नहीं है. 

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6. 'लेकिन दूसरों को कम काम करने के लिए ज्‍यादा पैसे म‍िल रहे हैं' 
अपने आप की तुलना दूसरे के काम से करना बिलकुल गलत है. इसके बजाए आपको कहना चाहिए कि आप अपने काम के लिए कितनी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही आप दूसरों की बात करने लगते हैं वैसे ही चीजें आपके खिलाफ होने लगती हैं. साथ ही यह संदेश भी जाता है कि आपको गॉसिप करना पसंद है. 

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