NDTV Khabar

Indian Air Force Day 2019: जानिए क्यों मनाया जाता है वायुसेना दिवस

Indian Air Force Day के दिन वायुसेना भव्य परेड और एयर शो आयोजित करती है. वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को की गई थी.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
Indian Air Force Day 2019: जानिए क्यों मनाया जाता है वायुसेना दिवस

Indian Air Force Day: 1 अप्रैल साल 1933 को वायुसेना के पहले दस्ते का गठन हुआ था.

खास बातें

  1. वायुसेना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है.
  2. वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को की गई थी.
  3. आजादी से पहले वायुसेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स कहा जाता था.
नई दिल्ली:

Indian Air Force Day 2019: वायुसेना दिवस हर साल 8 अक्टूबर (8 October) को मनाया जाता है. इस साल वायुसेना 87वां स्थापना दिवस मनायेगी. 8 अक्टूबर 1932 को वायुसेना की स्थापना की गई थी इसीलिए हर साल 8 अक्टूबर वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day) मनाया जाता है. इस दिन वायुसेना भव्य परेड और एयर शो आयोजित करती है. आजादी से पहले वायुसेना को  रॉयल इंडियन एयर फोर्स (RIAF) कहा जाता था. 1 अप्रैल साल 1933 को वायुसेना के पहले दस्ते का गठन हुआ था जिसमें 6 RAF-ट्रेंड ऑफिसर और 19 हवाई सिपाहियों को शामिल किया गया था. भारतीय वायुसेना ने  द्वितीय विश्वयुद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. आजादी के बाद इसमें से "रॉयल" शब्द हटाकर सिर्फ "इंडियन एयरफोर्स" कर दिया गया.

सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट थे एयरफोर्स के पहले चीफ, एयर मार्शल 
आजादी से पहले एयरफोर्स पर आर्मी का नियंत्रण होता था. एयरफोर्स को आर्मी से 'आजाद' करने का श्रेय इंडियन एयरफोर्स के पहले कमांडर इन चीफ, एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को जाता है. आजादी के बाद सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को भारतीय वायुसेना का पहला  चीफ, एयर मार्शल बनाया गया था. वह 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक इस पद पर बने रहे थे.


गीता से लिया गया है भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य
भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है और यह महाभारत के महायुद्ध के दौरान कुरूक्षेत्र की युद्धभूमि में भगवान श्री क्रष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का एक अंश है. भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य है- 'नभ: स्पृशं दीप्तम'

भारतीय वायु सेना का ध्वज
वायुसेना ध्वज, वायु सेना निशान से पृथक, नीले रंग का है जिसके प्रथम एक चौथाई भाग में राष्ट्रिय ध्वज बना हुआ है और मध्य भाग में राष्ट्रिय ध्वज के तीनों रंगों अर्थात्‌ केसरिया, श्वेत और हरे रंग से बना एक वृत्त (गोलाकार आकृति) है। यह ध्वज १९५१ में अपनाया गया. 

टिप्पणियां

अन्य खबरें
Balakot Air strike को अंजाम देने वाले स्क्वॉड्रन को वायुसेना करेगी सम्मानित
IAF चीफ बोले- हम घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं, बालाकोट जैसे हमले के लिए तैयार



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement