JNU में कोरोना का पहला मामला आने पर मचा हड़कंप, स्टूडेंट्स को दी गई घर लौटने की सलाह

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने सोमवार को उन सभी स्टूडेंट्स को घर जाने की सलाह दी है, जो कैंपस में ही रह रहे हैं.

JNU में कोरोना का पहला मामला आने पर मचा हड़कंप, स्टूडेंट्स को दी गई घर लौटने की सलाह

JNU प्रशासन ने स्टूडेंट्स को घर लौटने की सलाह दी है.

नई दिल्ली:

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने सोमवार को उन सभी स्टूडेंट्स को घर जाने की सलाह दी है, जो कैंपस में ही रह रहे हैं. दरअसल, जेएनयू में कोरोनावायरस (Coronavirus) का एक मामला सामने आया है. जेएनयू का एक फार्मेसिस्ट जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, जिसके बाद से ही यूनिवर्सिटी काफी सतर्क हो गई है और कैंपस में रह रहे स्टूडेंट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें घर वापस लौट जाने की सलाह दे रही है. यूनिवर्सिटी का कहना है कि वे समय-समय पर गृह मंत्रालय और दिल्ली सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सावधानियां बरत रही है, लेकिन अपने घर के अलावा कोई भी सुरक्षित जगह नहीं है. 

स्टूडेंट्स के डीन प्रोफेसर सुधीर प्रताप सिंह ने एक सर्कुलर जारी करके कहा,  "मौजूदा स्थिति में शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलना थोड़ा मुश्किल है और इसमें 15 अगस्त तक देरी हो सकती है. दिल्ली में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों का संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसके मद्देजनर उन सभी स्टूडेंट्स को घर लौटने की सलाह दी जाती है, जो हॉस्टल में फंसे हुए हैं. वहीं, जो लोग पहले ही हॉस्टल छोड़कर अपने घर जा चुके हैं उन्हें यूनिवर्सिटी के दोबारा खुलने तक वापस नहीं आना चाहिए."

बता दें कि इससे पहले भी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) कोविड-19 लॉकडाउन नियमों में रियायतें मिलने के बाद विशेष रेलगाड़ियों और राज्य के भीतर भी कुछ बस सेवाएं चालू होने के बाद छात्रावासों में फंसे स्टूडेंट्स को अपने-अपने घर लौट जाने की सलाह दे चुका है. 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

स्टूडेंट्स दे सकेंगे ऑफलाइन परीक्षा
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने परीक्षाओं को लेकर कुछ समय पहले एक बयान में कहा था कि जो स्टूडेंट्स परीक्षाओं को लिखने के लिए ऑनलाइन सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकते हैं, उन्हें यूनिवर्सिटी खुलने के बाद फिर से ऑफलाइन परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी. यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में ये भी साफ किया था कि 9 मई को जारी किए गए अकेडमिक कैलेंडर के अनुसार, सभी कोर्सेस के लिए सिर्फ ऑनलाइन एग्जाम और परीक्षाओं की मूल्यांकन की प्रक्रिया को 31 जुलाई तक पूरा किया जाएगा. 

बयान में कहा गया था, "गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की तारीख जुलाई के महीने में तय की जाएगी. इस दौरान जो स्टूडेंट्स ऑनलाइन सुविधाओं को उपयोग करके परीक्षा नहीं दे सकते हैं, उन्हें यूनिवर्सिटी के खुलने पर ऑफलाइन मोड में परीक्षाएं देने की अनुमति दी जाएगी. इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है."