JNU के VC ने कहा- नीट और जेईई परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होनी चाहिए

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के कुलपति (Vice Chancellor) एम जगदीश कुमार ने बुधवार को कहा कि नीट (NEET) और जेईई (JEE) की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में होनी ही चाहिए, क्योंकि उनको टाले जाने से विद्यार्थियों के बीच ‘चिंता और' बढ़ेगी.

JNU के VC ने कहा- नीट और जेईई परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होनी चाहिए

JNU के VC ने कहा है कि नीट और जेईई परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होनी चाहिए.

नई दिल्ली:

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के कुलपति (Vice Chancellor) एम जगदीश कुमार ने बुधवार को कहा कि नीट (NEET) और जेईई (JEE) की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में होनी ही चाहिए, क्योंकि उनको टाले जाने से विद्यार्थियों के बीच ‘चिंता और' बढ़ेगी. उनका बयान कोविड-19 (Covid-19) के बढ़ते मामलों के बीच इन दो अहम परीक्षाओं के स्थगन की तेज होती मांगों के बीच आया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ जेईई और नीट दोनों ही परीक्षाएं योजना के मुताबिक सितंबर में ही होनी चाहिए. यह इन परीक्षाओं के स्थगन पर जोर देकर विद्यार्थियों के दिमाग में और चिंता पैदा करने का वक्त नहीं है.

 उच्चतम न्यायालय ने भी कहा है कि ‘जीवन चलता रहना चाहिए' तथा विद्यार्थी ‘पूरा साल बर्बाद नहीं कर सकते.'' कोविड-19 महामारी के चलते इन अहम परीक्षाओं को स्थगित करने की बढ़ती मांग के बीच शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि JEE Main और राष्ट्रीय अर्हता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सितंबर में होंगी. जेईई मेन की एक से छह सितंबर के बीच और नीट की परीक्षा 13 सितंबर को होनी है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के उनके समकक्ष नवीन पटनायक और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन समेत कई विपक्षी नेताओं इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की है. 

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वहीं, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के निदेशक वी रामगोपाल राव ने कहा कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) की परीक्षाओं में और देरी का न केवल अकादमिक कैलेंडर पर बल्कि प्रतिभाशाली छात्रों के करियर पर भी गंभीर असर पड़ेगा. कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दोनों महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं को स्थगित करने की तेज होती मांगों के मद्देनजर राव का बयान आया है. उन्होंने कहा, ‘‘इन परीक्षाओं में और देरी करने से आईआईटी (IIT) के अकादमिक कैलेंडर और अभ्यर्थियों के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं. लाखों विद्यार्थियों के लिए यह अकादमिक सत्र बेकार चला जाएगा.''

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उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘‘हम पहले ही छह महीने गंवा चुके हैं. अगर हम सितंबर में परीक्षाएं कराते हैं तो हम कम से कम दिसंबर में तो आईआईटी में सत्र (ऑनलाइन ही सही) शुरू कर सकते हैं. ऐसे समय में परीक्षा के पैटर्न या प्रवेश प्रक्रिया से छेड़छाड़ भी सभी के लिए नुकसानदेह और अनुचित होगी.''



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)