Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018: ये हैं लाल बहादुर शास्‍त्री के 10 प्रेरक और यादगार विचार

आज पूरा देश Lal Bahadur Shastri Jayanti मना रहा है. लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे.

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018: ये हैं लाल बहादुर शास्‍त्री के 10 प्रेरक और यादगार विचार

Lal Bahadur Jayanti: हर साल 2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री की जयंती होती है.

खास बातें

  • 2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई जाती है.
  • लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में हुआ था.
  • लाल बहादुर शास्त्री भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे.
नई दिल्ली:

लाल बहादुर शास्त्री (Lal Bahadur Shastri) भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे. लाल बहादुर शास्त्री गांधीवादी नेता थे, उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में समर्पित कर दिया था. शास्त्री जी का जन्म  2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय में हुआ था. साल 1920 में लाल बहादुर शास्त्री भारत की आजादी की लड़ाई में शामिल हो गए. महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में हिस्सा लेने के चलते उन्हें कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा था. जय जवान, जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री की आज जयंती (Lal Bahadur Shastri Jayanti 2018) है. शास्त्री जी की जयंती के मौके पर आज हम आपको उनके 10 अनमोल विचारों (Lal Bahadur Shastri Quotes) के बारें में बताने जा रहे हैं.

लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचार (Lal Bahadur Shastri Quotes In Hindi)​

1. ''हमारी ताकत और मजबूती के लिए सबसे जरूरी काम है लोगो में एकता स्थापित करना.''

2. ''हम खुद के के लिए ही नही बल्कि पूरे विश्व की शांति, विकास और कल्याण में विश्वास रखते हैं.''

3. ''यदि कोई भी व्यक्ति हमारे देश में अछूत कहा जाता है तो भारत को अपना सर शर्म से झुकाना पड़ेगा.''

4. ''कानून का सम्मान किया जाना चाहिए ताकि हमारे लोकतंत्र की बुनियादी संरचना बरक़रार रहे और हमारा लोकतंत्र भी मजबूत बने.''

5. ''देश के प्रति निष्‍ठा सभी निष्‍ठाओं से पहले आती है और यह पूर्ण निष्‍ठा है क्‍योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्‍या मिलता है.''

6. ''जब स्वतंत्रता और अखंडता खतरे में हो, तो पूरी शक्ति से उस चुनौती का मुकाबला करना ही एकमात्र कर्त्तव्य होता है. हमें एक साथ मिलकर किसी भी प्रकार के अपेक्षित बलिदान के लिए दृढ़तापूर्वक तत्पर रहना है''

7. ''देश के प्रति निष्ठा सभी निष्ठाओं से पहले आती है. और यह पूर्ण निष्ठा है क्योंकि इसमें कोई प्रतीक्षा नहीं कर सकता कि बदले में उसे क्या मिलता है''

8. ''जो शासन करते हैं उन्‍हें देखना चाहिए कि लोग प्रशासन पर किस तरह प्रतिक्रिया करते हैं. अंतत: जनता ही मुखिया होती है.''

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9. ''देश की तरक्की के लिए हमे आपस में लड़ने के बजाये  गरीबी, बीमारी और अज्ञानता से लड़ना होगा.''

10. ''यदि हम लगातार लड़ते रहेगे तो हमारी ही जनता को लगातार भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, हमे लड़ने के बजाय गरीबी, बीमारी और अशिक्षा से लड़ना चाहिए.''