मनीष सिसोदिया का सुझाव- NEET, JEE की परीक्षाएं अगले साल कम सिलेबस पर बेस्ड होनी चाहिए

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को सुझाव दिया कि कोविड-19  (COVID-19) महामारी के कारण नियमित कक्षाओं में होने वाली पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम में 50 फीसदी की कटौती की जानी चाहिए.

मनीष सिसोदिया का सुझाव- NEET, JEE की परीक्षाएं अगले साल कम सिलेबस पर बेस्ड होनी चाहिए

NEET, JEE की परीक्षाएं अगले साल कम सिलेबस पर बेस्ड होनी चाहिए: मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली:

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को सुझाव दिया कि कोविड-19  (COVID-19) महामारी के कारण नियमित कक्षाओं में होने वाली पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए सभी कक्षाओं के पाठ्यक्रम में 50 फीसदी की कटौती की जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने कहा कि अगले वर्ष होने वाली नीट (NEET Exams) और जेईई (JEE Exams) जैसी प्रवेश परीक्षाएं भी घटे हुए पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की जानी चाहिए. एनसीईआरटी (NCERT) की 57वीं सामान्य परिषद बैठक के दौरान सिसोदिया ने यह सुझाव दिए. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने की, जिसमें राज्यों के शिक्षा मंत्री भी शामिल रहे.

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सिसोदिया ने कहा, '' कोरोना संकट के कारण वर्तमान शैक्षणिक सत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है. लगातार स्कूल में कक्षाएं आयोजित नहीं हो पाने से हुए नुकसान के मद्देनजर सभी कक्षाओं का पाठ्यक्रम 50 फीसदी तक कम किया जाना चाहिए. अगले साल होने वाली नीट और जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन भी वर्तमान सत्र में कटौती किए गए पाठ्यक्रम के आधार पर होना चाहिए.'' 

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उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सीबीएसई (CBSE) की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं अगले वर्ष मई महीने से पहले आयोजित नहीं की जानी चाहिए, ताकि छात्रों को तैयारी करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय मिल सके. आमतौर पर यह परीक्षाएं फरवरी और मार्च के महीने में होती हैं. इस महीने की शुरुआत में दिल्ली सरकार ने पत्र लिखकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से पाठ्यक्रम में कटौती किए जाने और परीक्षाएं देरी से आयोजित किए जाने का अनुरोध किया था. 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)