JNU में अब तक 3 हजार से ज्यादा छात्र शीतकालीन सत्र के लिए करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन

JNU में शीतकालीन सत्र के लिए तीन हजार से अधिक छात्र अपना पंजीकरण करवा चुके हैं. जेएनयू के कुलपति ने इसकी जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी दी है.

JNU में अब तक 3 हजार से ज्यादा छात्र शीतकालीन सत्र के लिए करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन

कुलपति एम. जगदीश कुमार ने कहा कि 12 जनवरी तक पंजीकरण करवाने वाले छात्रों से कोई लेट फीस नहीं ली जाएगी.

खास बातें

  • शीतकालीन सत्र के लिए 3 हजार से अधिक छात्र रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं.
  • 12 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन कराने पर कोई लेट फीस नहीं लगेगी.
  • रजिस्ट्रेशन एग्जाम और नए सत्र की पढ़ाई शुरू करने के लिए करवाया जा रहा है.
नई दिल्ली:

शीतकालीन सत्र के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में तीन हजार से अधिक छात्र अपना पंजीकरण करवा चुके हैं. पंजीकरण मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ और यह प्रक्रिया 12 जनवरी तक चलेगी. जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने कहा कि 12 जनवरी तक पंजीकरण करवाने वाले छात्रों से कोई लेट फीस नहीं ली जाएगी. बुधवार शाम तक जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुल 3300 छात्र अगले सत्र के लिए अपना पंजीकरण करवा चुके थे. जेएनयू के कुलपति ने इसकी जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी दी है. यह पंजीकरण परीक्षाओं में शामिल होने व नए सत्र की पढ़ाई शुरू करने के लिए करवाया जा रहा है.

गौरतलब है कि फीस वृद्धि और हॉस्टल रूल में बदलाव के खिलाफ पिछले 72 दिनों से जेएनयू में धरना दे रहे छात्रसंघ के कार्यकर्ताओं पर सर्वर रूम को क्षतिग्रस्त करने का आरोप है. मंगलवार को जेएनयू प्रशासन ने वाईफाई व सर्वर रूम को दुरुस्त करने के उपरांत शीतकालीन सत्र का पंजीकरण आरंभ कर दिया. वहीं दूसरी ओर जेएनयू छात्रसंघ ने छात्रों से पंजीकरण के बहिष्कार की अपील की है.

जेएनयू छात्रसंघ ने बुधवार को भी जेएनयू में वीसी के खिलाफ प्रदर्शन किया. यहां 'वीसी हटाओ जेएनयू बचाओ' के नारे लगाए गए. इस दौरान छात्रों से शीतकालीन सत्र के लिए पंजीकरण न कराने की अपील भी की गई. जेएनयू के कुलपति का कहना है कि वह विश्वविद्यालय में शांति बहाली के प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने छात्रों से नई शुरुआत करने की अपील की और कहा कि अब छात्र शीतकालीन सत्र के लिए अपना पंजीकरण करवाएं. उन्होंने रविवार रात हुए हमले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इस प्रकार की हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलने वाला है.

जेएनयू छात्रसंघ का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों पर कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है. कई छात्रों को शीतकालीन सत्र के लिए जबरदस्ती पंजीकरण करवाने को कहा गया. पंजीकरण न करवाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी भी दी गई. छात्रसंघ के मुताबिक, कुलपति जब तक फीस वृद्धि का फैसला वापस नहीं लेते तब तक विश्वविद्यालय में यह विरोध जारी रहेगा.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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