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ओडिशा हाईकोर्ट ने सीबीएसई को दिए उत्तर-पुस्तिकाएं फिर से जांचने के आदेश

18 छात्रों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने याचियों से यहां सीबीएसई के क्षेत्रीय केंद्र पर गुरुवार दो बजे तक पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने के लिए कहा.

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ओडिशा हाईकोर्ट ने सीबीएसई को दिए उत्तर-पुस्तिकाएं फिर से जांचने के आदेश

ओडिशा हाईकोर्ट ने सीबीएसई को दिए उत्तर-पुस्तिकाएं फिर से जांचने के आदेश

खास बातें

  1. सीबीएसई की कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में गलतियों को लेकर आंदोलन तेज
  2. ओडिशा के राज्यपाल से मिला एनएसयूआई का प्रतिनिधिमंडल
  3. 10 जून तक परिणाम प्रकाशित करने के आदेश
भुनवेश्वर: ओडिशा उच्च न्यायालय ने बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को निर्देश दिया कि वह उन छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन करे, जिन्होंने अपनी 12वीं के परीक्षा परिणाम में त्रुटि का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की है. 18 छात्रों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने याचियों से यहां सीबीएसई के क्षेत्रीय केंद्र पर गुरुवार दो बजे तक पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने के लिए कहा.

याचिकाकर्ताओं के वकील असीम अमिताभ दास ने कहा कि न्यायालय ने सीबीएसई को पुनर्मूल्यांकन करने तथा 10 जून तक परिणाम प्रकाशित करने को कहा. उल्लेखनीय है कि भुवनेश्वर जोन के कई छात्रों का परीक्षा परिणाम रुक गया है. इसी तरह कई छात्रों ने शिकायत की है कि कॉपियों का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं हुआ, जिसके कारण उनके परिणाम अच्छे नहीं आए हैं.

इसी बीच, सीबीएसई की कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में गलतियों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है. छात्रों ने बुधवार को बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल किया. पुलिस ने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठी एक छात्रा बेहोश हो गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा.

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को ओडिशा के राज्यपाल एस.सी.जमीर से मुलाकात की और परीक्षा परिणाम को लेकर लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए उनसे हस्तक्षेप की मांग की. राज्य एनएसयूआई के अध्यक्ष इतिश प्रधान ने कहा, 'राज्यपाल ने घटना पर चिंता जताई है. उन्होंने हमें आश्वस्त किया है कि वह मुद्दे को मुख्यमंत्री (नवीन पटनायक) तथा केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री (प्रकाश जावड़ेकर) के समक्ष उठाएंगे.'

इससे पहले, पटनायक ने मामले के समाधान के लिए जावड़ेकर के हस्तक्षेप की मांग की थी, क्योंकि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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