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कर्नाटक के मेडिकल कॉलेज को मिली एमबीबीएस के छात्रों का एडमिशन लेने की इजाजत

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मेंगलोर के ‘कनाचुर इस्लामिक एजूकेशन ट्रस्ट’ (केआईईटी) का वह अनुरोध स्वीकार किया, जिसमें 10 अगस्त के सरकारी आदेश को चुनौती दी गई थी. पीठ ने 2017-18 के लिए प्रवेश हेतु समयसीमा पांच सितंबर तक बढा दी.

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कर्नाटक के मेडिकल कॉलेज को मिली एमबीबीएस के छात्रों का एडमिशन लेने की इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के एक मेडिकल कॉलेज को शैक्षणिक वर्ष 2017-18 और 2018-19 में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के छात्रों का प्रवेश लेने पर प्रतिबंध के केन्द्र के फैसले को निरस्त कर दिया. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मेंगलोर के ‘कनाचुर इस्लामिक एजूकेशन ट्रस्ट’ (केआईईटी) का वह अनुरोध स्वीकार किया, जिसमें 10 अगस्त के सरकारी आदेश को चुनौती दी गई थी. पीठ ने 2017-18 के लिए प्रवेश हेतु समयसीमा पांच सितंबर तक बढा दी.

पीठ ने हालांकि भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) को ‘‘स्वाभाविक जरूरत पड़ने पर’’ संस्थान का निरीक्षण करने तथा भारतीय चिकित्सा परिषद कानून में दिये अन्य कदम उठाने की अनुमति दी. इस पीठ में न्यायमूर्ति अमिताव राय और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर भी शामिल थे.
 
पीठ ने कहा कि दस अगस्त के इस आदेश को निरस्त किया जाता है. यह आदेश इस अदालत के एक अगस्त के फैसले की भावना के अनुरूप नहीं मिला.

शीर्ष अदालत ने एक अगस्त को केन्द्र को निर्देश दिया था कि कई निजी मेडिकल कॉलेजों को अनुमति देने के मुद्दे पर नये सिरे से विचार किया जाए. इन कॉलेजों पर शैक्षणिक वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए छात्रों के प्रवेश लेने पर पाबंदी लगाई गई थी.

केन्द्र की ओर से पेश वकील ने कहा था कि केआईईटी के निरीक्षण के दौरान आधारभूत ढांचे और सुविधाओं के संबंध में कई खामियां मिलीं. हालांकि शीर्ष अदालत ने कहा कि कालेज में कोई बड़ी खामी नहीं है.
 
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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