जो चाहा वो बना ये शख्स, आर्मी ऑफिसर और डॉक्टर के बाद अब बनेगा एस्‍ट्रोनॉट

फील्ड में अपने एक साथी को गोली लगते देखा तो उन्होंने खुद को बहुत असहाय महसूस किया. इसके बाद जॉनी को लगा कि उन्हें डॉक्टरी की पढ़ाई करनी चाहिए.

जो चाहा वो बना ये शख्स, आर्मी ऑफिसर और डॉक्टर के बाद अब बनेगा एस्‍ट्रोनॉट

जॉनी अपने पहले स्पेस असाइनमेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

खास बातें

  • यूएस नावल स्पेशल वॉरफेयर कमांड में रहे
  • इमरजेंसी मेडिसिन में विशेषज्ञता हासिल की
  • नासा के एस्ट्रोनॉट ग्रुप 22 के लिए चुने गए
वॉशिंगटन:

हम में से अधिकतर लोग बचपन से बहुत कुछ बनना चाहते हैं. जब हम छोटे होते हैं तो कोई डॉक्टर, कोई इंजीनियर तो कोई टीचर बनना चाहता है. बहुत से प्रोफेशन को लेकर हमेशा हमारे मन में हसरत बरकरार रहती है. अब अगर आपसे कोई ये कहे कि आप जो भी बनना चाहते वे सब बन सकते हैं तो आप क्या कहेंगे? ये सुनकर आप हैरत में पड़ जाएंगे लेकिन वाकई एक शख्स ऐसा भी है जिसने जो मन किया वो बन गया. 35 साल के जॉनी किम एक कोरियाई अमेरिकी हैं जो लॉस एंजेलिस में रहते हैं. जॉनी नौसेना में सैनिक और डॉक्टर जैसे प्रोफेशन में रह चुके हैं और अब एस्ट्रोनॉट बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं. खास बात ये कि वे सिर्फ 36 साल के हैं और उन्होंने ये सब इतनी कम उम्र में हासिल कर लिया है.

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डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल में जॉनी एक शांत रहने वाले बच्चे थे और उनमें आत्मविश्वास की कमी रहा करती थी. लेकिन जब उनको अमेरिकी नौसेना के बारे में मालूम चला तो वे यूएस नेवल स्पेशल वॉरफेयर कमांड में भर्ती हो गए. जॉनी ने बताया, "नौसेना में भर्ती होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा फैसला रहा क्योंकि नौसेना ने एक डरपोक लड़के को सपने देखना सिखाया. नौसेना में भर्ती होने के बाद मुझे खुद पर यकीन हुआ कि मैं कुछ भी कर सकता हूं." बता दें कि वे मध्य पूर्व के लगभग 100 कॉमबैट मिशन में स्पेशल ऑपरेशन कॉमबैट मेडिक, एक स्नाइपर, नैविगेटर और पोइंट मैन रह चुके हैं. 

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साल 2006 में उन्होंने फील्ड में अपने एक साथी को गोली लगते देखा तो उन्होंने खुद को बहुत असहाय महसूस किया कि वे उसकी मदद नहीं कर सके और ठीक से उपचार नहीं कर सके. इसके बाद जॉनी को लगा कि उन्हें डॉक्टरी की पढ़ाई करनी चाहिए. जिसके बाद उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मैडिसिन की पढ़ाई पूरी की और इमरजेंसी मेडिसिन में विशेषज्ञता हासिल की. बाद में वे मैसाचुसेट्स के अस्पताल में फिजीशियन बन गए.

2017 में जॉनी ने नासा के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद वे इस साल चुन लिए गए हैं. सीएनएन के मुताबिक उन्होंने बताया कि उन्हें भरोसा है कि नासा के मिशन से मानव जाति को लाभ होगा. बता दें कि जॉन समेत 12 लोगों का चयन नासा के एस्ट्रोनॉट ग्रुप 22 के लिए किया गया है. इसके लिए 18,300 लोगों ने अप्लाई किया था.
प्रशिक्षण कार्यक्रम मे उनको अंतरिक्ष में चलना, रोबोटिक्स, इंटरनेशनल स्पेस सिस्टम, T-38 जेट प्रोफिसिएंसी और रूसी भाषा सिखाई गई. जॉनी अब अपने पहले असाइनमेंट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.