17 अप्रैल का इतिहास: जब सैकड़ों साल से सुप्त पड़े ज्वालामुखी से बरसी थी मौत की आफत

इंडोनेशिया में साल 1815 में 17 अप्रैल के दिन वहां का तमबोरा ज्वालामुखी धमाके के साथ फट गया था. इस हादसे में लाखों लोगों की जान चली गई थी.

17 अप्रैल का इतिहास: जब सैकड़ों साल से सुप्त पड़े ज्वालामुखी से बरसी थी मौत की आफत

इंडोनेशिया में सैकड़ों साल से सुप्त पड़े ज्वालामुखी से मौत की आफत बरसी थी.

नई दिल्ली:

इंडोनेशिया के इतिहास में 17 अप्रैल के दिन को किसी बुरे सपने की तरह याद किया जाता है. 1815 में 17 अप्रैल के दिन वहां का तमबोरा ज्वालामुखी धमाके के साथ फट गया. देश के सुमबवा द्वीप पर स्थित यह ज्वालामुखी सैकड़ों साल से शांत पड़ा था, लेकिन पांच अप्रैल को इसमें अचानक से कंपन होने लगा और 17 अप्रैल को इसमें भयंकर विस्फोट हुआ.घटना में करीब एक लाख लोग मारे गए.

देश दुनिया के इतिहास में 17 अप्रैल की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1799: रंगपतनम की घेराबंदी शुरू. 4 मई को टीपू सुल्तान की मौत के साथ इसका अंत हुआ.

1941: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूगोस्लाविया ने जर्मनी के समक्ष आत्मसमर्पण किया.

1946: सीरिया ने फ्रांस से आजादी मिलने की घोषणा की.

1947: श्रीलंका के महानतम खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन का जन्म.

1971: मिस्र, लीबिया और सीरिया ने मिल कर यूनाइटेड अरब स्टेट बनाने के लिए संघ का गठन किया.

1975: भारत के दूसरे राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन का निधन.

1977: स्वतंत्र पार्टी का जनता पार्टी में विलय.

1982: कनाडा ने संविधान अपनाया.

1982: अमेरिका ने नेवादा परीक्षण स्थल पर परमाणु परीक्षण किया.

1983: एसएलवी 3 राकेट ने दूसरे रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की निकट कक्षा में स्थापित किया.

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1986: नीदरलैंड और सिसली के बीच युद्ध की स्थिति को खत्म करने की घोषणा करते हुए शांति बहाल.

1993: अंतरिक्ष यान एसटीएस-56 डिस्कवरी धरती पर वापस लौटा.



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)