COVID-19: UGC का निर्देश, स्‍टूडेंट्स के मानिसक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हेल्‍पलाइन नंबर शुरू करें विश्वविद्यालय

Coronavirus Lockdown: UGC के सचिव रजनीश जैन ने कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा, "राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान, कोविड-19 के समय और बाद में स्‍टूडेंट्स के मानसिक स्वास्थ्य तथा मनो-सामाजिक चिंताओं पर गौर करना भी उतना ही जरूरी है."

COVID-19: UGC का निर्देश, स्‍टूडेंट्स के मानिसक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हेल्‍पलाइन नंबर शुरू करें विश्वविद्यालय

यूजीसी ने सभी विश्‍वविद्यालयों को हेल्‍पलाइन नंबर शुरू करने का निर्देश दिया है

नई दिल्ली:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान स्‍टूडेंट्स की मनो-सामाजिक चिंताओं को दूर करने के लिए मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर शुरू करने का निर्देश दिया है.

UGC के सचिव रजनीश जैन ने कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा, "राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान, कोविड-19 के समय और बाद में स्‍टूडेंट्स के मानसिक स्वास्थ्य तथा मनो-सामाजिक चिंताओं पर गौर करना भी उतना ही जरूरी है."

उन्होंने पत्र में कहा, "इसलिए, मौजूदा स्थिति में छात्रों में उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य और अन्य मुद्दों को लेकर तनाव या अवसाद जैसी समस्याओं से निपटने के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेजों को मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू करनी चाहिए. इस हेल्पलाइन पर नियमित रूप से नजर रखी जाए और काउंसलर तथा संकाय सदस्यों द्वारा उसको प्रबंधित किया जाए."

जैन ने कहा, "विश्वविद्यालय छात्रावास वॉर्डन और वरिष्ठ संकाय के नेतृत्व में छात्रों के लिए कोविड-19 सहायता समूह भी बनाया जाए, जो मदद की दरकार रखने वाले दोस्तों और सहपाठियों की पहचान करे."

इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले हफ्ते भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोरोना वायरस की महामारी के कारण उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर छात्रों का प्लेसमेंट प्रभावित नहीं हो. मानव संसाधन विकास मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 23 आईआईटी के प्रमुखों के साथ संवाद में उन्हें इस उद्देश्य के लिये एक कार्यबल गठित करने का निर्देश दिया.

निशंक ने आईआईटी के प्रमुखों से कहा, "इन संस्थानों में प्लेसमेंट को लेकर एक कार्यबल गठित किया जाना चाहिए जो विभिन्न कंपनियों के साथ सम्पर्क में रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि इन संस्थानों में विगत वर्षो के स्तर से कम प्लेसमेंट न हो."

उन्होंने कहा, "लॉकडाउन के दौरान छात्रों की मानसिक चुनौतियों से जुड़े विषयों पर भी ध्यान देने की जरूरत है और इस संबंध में इन सभी संस्थानों में एक हेल्पलाइन स्थापित की जाए. प्रत्येक संस्थानों में एक कार्यबल गठित हो जिसमें मनोवैज्ञानिक शामिल हों. "

आपको बता दें कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान मानिसक स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना कर रहे छात्रों के लिए टोल फ्री हेल्प लाइन नंबर 08046110007 शुरू किया है. 

 
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