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हरियाणा में जल्द खुलेंगे दो सीआईपीईटी संस्थान, प्लास्टिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी सुगम

मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार देश में तकरीबन 10 लाख प्लास्टिक इंजीनियर और टैक्नीशि‍यन की कमी है. 

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हरियाणा में जल्द खुलेंगे दो सीआईपीईटी संस्थान, प्लास्टिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई होगी सुगम
देश में प्लास्टिक इंजीनियरों की कमी को देखते हुए हरियाणा में जल्द दो सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सेंटर खोले जाएंगे. इसके लिए रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार देश में तकरीबन 10 लाख प्लास्टिक इंजीनियर और टैक्नीशि‍यन की कमी है. 

इससे पहले भी केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री कह चुके हैं कि एक सर्वेक्षण के मुताबिक देश में 10 लाख प्लास्टिक इंजीनियरों और टेक्नीशियनों की जरूरत है, जबकि देश में दो लाख से कम विशेषज्ञ ही उपलब्ध हैं.

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केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने ये जानकारी देते हुए कहा था कि इन केंद्रों से उद्योग की प्लास्टिक इंजीनियरों और टेक्नीशियनों की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी. इस प्रौद्योगिकी की जरूरत कृषि से लेकर अंतरिक्ष अनुसंधान तक सभी क्षेत्रों में होती है ऐसे में यह केंद्र इस दिशा में देश को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार होंगे.

प्लास्टिक और फार्मेसी के लिए पानीपन और करनाल में पार्क बनाए जाएंगे. इसके लिए हरियाणा सरकार 1500 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इससे 30 हजार प्लास्टिक इंजीनियरों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है. 


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