UP Board Results 2020: 87 हाई स्कूल (10वीं) और 47 इंटरमीडिएट (12वीं) में नहीं पास हुआ एक भी स्टूडेंट

UP Board Results 2020: हाई स्कूल ही नहीं बल्कि इंटमीडिएट स्कूलों की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. इनमें सबसे अधिक 31 स्टूडेंट्स केवल आजमगढ़ के एक स्कूल में पंजीकृत थे, जो फेल हो गए हैं.

UP Board Results 2020: 87 हाई स्कूल (10वीं) और 47 इंटरमीडिएट (12वीं) में नहीं पास हुआ एक भी स्टूडेंट

UP Board Result 2020: कुल 134 स्कूलों में एक भी स्टूडेंट नहीं हुआ पास.

नई दिल्ली:

UP Board Results 2020: यूपी बोर्ड या फिर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. लेकिन इस साल 87 हाई स्कूल और 47 इंटरमीडिएड स्कूल में एक भी बच्चा यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में पास नहीं हुआ है. जीरो पास प्रतिशत वाले इन हाई स्कूलों में से कई स्कूलों में केवल एक-एक बच्चे का ही पंजीकरण था. केवल गाजीपुर के एक स्कूल में पंजीकृत सभी 35 स्टूडेंट्स फेल हुए हैं. वहीं 7 स्कूल ऐसे थे, जिनमें सिर्फ एक-एक स्टूडेंट ही परीक्षा के लिए पंजीकृत थे. 

हाई स्कूल ही नहीं बल्कि इंटमीडिएट स्कूलों की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. इनमें सबसे अधिक 31 स्टूडेंट्स केवल आजमगढ़ के एक स्कूल में पंजीकृत थे, जो फेल हो गए हैं. वहीं 47 स्कूलों में से 5 में केवल एक-एक छात्र का ही पंजीकरण था. इंटरमीडिएट और हाई स्कूल दोनों में, पांच स्कूलों को छोड़कर, अन्य सभी स्कूलों में पंजीकृत स्टूडेंट्स की संख्या 10 से कम थी.

बता दें, उत्तर प्रदेश माध्यमिक परीक्षद या फिर UPMSP ने यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम आज घोषित किए गए हैं. यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के रिजल्ट उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा द्वारा जारी किए गए. इस साल 10वीं में कुल 83.3 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं. वहीं 12वीं में कुल 74.63 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए हैं. 

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सभी स्टूडेंट्स यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर अपना रोल नंबर और अन्य जानकारी डालकर रिजल्ट देख सकते हैं. अगर आधिकारिक वेबसाइट पर आप अपना रिजल्ट नहीं देख पा रहे हों तो आप indiaresults.com या examresults.net जैसी वेबसाइट पर भी अपना रिजल्ट देख सकते हैं. 

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बता दें यूपी बोर्ड द्वारा इस साल की परीक्षाओं का आयोजन कड़ी सुरक्षा के बीच कराया गया था. इस दौरान 1.4 लाख वॉइस रिकॉर्डर और सीसीटीवी कैमरा का इस्तेमाल किया गया था, ताकि स्टूडेंट्स को चीटिंग करने से रोका जा सके. बोर्ड ने राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल सेंटर भी शुरू किया था ताकि भारत के सबसे बड़े स्कूल बोर्ड के एग्जाम्स अच्छे से कराए जा सकें. यूपी बोर्ड द्वारा राज्यभर में 7,783 केंद्रों में परीक्षाएं आयोजित की गई थीं.