यूपी के पोस्ट मास्टर की बेटी ने संघर्ष से हासिल की सफलता, बिहार में बनेंगी जज

शैली ने बिहार की लोक सेवा आयोग की जज नियुक्ति परीक्षा और उत्तर प्रदेश की सरकारी अधिवक्ता नियुक्ति परीक्षा में सफलता हासिल की

यूपी के पोस्ट मास्टर की बेटी ने संघर्ष से हासिल की सफलता, बिहार में बनेंगी जज

अपने परिवार के साथ शैली शुक्ला.

नई दिल्ली:

यूपी के एक छोटे से गांव में पली-बढ़ीं शैली अब बिहार में जज बनने जा रही हैं. उन्होंने काफी संघर्ष से यह सफलता हासिल की है. वे बिहार में सेवाएं देकर यह साबित करना चाहती हैं कि बिहार के बारे में काफी लोगों में यह गलतफहमी है कि वह एक अच्छा राज्य नहीं है.

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के एक छोटे से गांव में पली-बढ़ी शैली शुक्ला ने जब अपने गांव के हाईस्कूल से दसवीं प्रथम श्रेणी में पास की, तो यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह गांव की पहली लड़की थी. बाकी लड़कियों और गांव के दूसरे छात्रों से उलट शैली अपने स्कूल के दिनों में भी इंग्लिश में अच्छी थीं. पिता गांव में ही पोस्ट मास्टर थे लिहाजा बड़े स्कूल में बेटी को भेजना उनकी हैसियत की बात नहीं थी. पर बड़े भाई ने शैली की प्रतिभा को पहचाना और उसे बड़े चाचाजी के पास लखनऊ भेज दिया. आज सबकी तपस्या रंग लाई. शैली ने बिहार की लोक सेवा आयोग की जज नियुक्ति परीक्षा और उत्तर प्रदेश की सरकारी अधिवक्ता नियुक्ति परीक्षा दोनों में सफलता हासिल की है. हालांकि आज शैली जब जज बनने की दहलीज़ पर खड़ी है तो संघर्ष के दिनों में उनका साथ देने वाला भाई उनकी खुशियों में शामिल नहीं हैं. उनका भाई अब इस दुनिया में नहीं है.              

अपने गांव में सफलता पाकर मिसाल पेश कर चुकीं शैली जब लखनऊ आईं तब शहर की बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं था. पर अपनी मेहनत से उन्होंने अपनी रैंक को लगातार बेहतर  बनाया और दसवीं के बाद एलएलबी की परीक्षा में प्रथम श्रेणी में पास हुईं. फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक सफलता हासिल करती गईं. शैली अपनी सफलता के लिए बड़ी मां और बड़े पिताजी,  जो लखनऊ में डॉक्टर हैं, के योगदान को याद करना भी नहीं भूलतीं.

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VIDEO : संघर्ष के सुखद परिणाम

शैली कहती हैं कि मेरे पढ़ाई के प्रति जूनून को देखते हुए उन्होंने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया और कभी शादी के लिए ज़िद नहीं की. शैली को लगता है कि गांव में रहकर वे अपने सपने पूरे नहीं कर सकती थीं. चचेरे भाई का वकालत के पेशे में होना भी शैली के काम आया और कानून की पढ़ाई करना उनके लिया आसान हो गया. शैली कहती हैं कि जज के तौर पर वे आपने फर्ज़ को बखूबी निभाने की कोशिश करेंगी. यूपी में पली-बढ़ी शैली अब बिहार में हाकिम बनने जा रही हैं, इस सोच के साथ भी कि उन लोगों की इस गलतफहमी को तोड़ना, कि बिहार बहुत अच्छा राज्य नहीं है.