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गांव में रहने वाले स्टूडेंट्स अब घर पर आसानी से कर पाएंगे UPSC की तैयारी

आईएएस और आईपीएस बनने की ख्वाहिश रखने वाले स्टूडेंट्स अब गांव में रहकर भी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं.

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गांव में रहने वाले स्टूडेंट्स अब घर पर आसानी से कर पाएंगे UPSC की तैयारी

गांव में रहने वाले स्टूडेंट्स भी अब घर पर बैठ आसानी से यूपीएससी की तैयारी कर सकते हैं

खास बातें

  1. गांव में रहने वाले स्टूडेंट्स आसानी से यूपीएससी की तैयारी कर सकते हैं
  2. नियोस्टेंसिल डॉट कॉम ऑनलाइन यूपीएससी की तैयारी करावता है
  3. इसकी शुरुआत कुश बीजल ने 2015 में की थी
नई दिल्ली: आईएएस और आईपीएस बनकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले ग्रामीण स्टूडेंट्स के लिए साधन की कमी अब बाधा नहीं बन सकती है क्योंकि वे अब सुदूर देहात में भी बैठकर सुकून से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं. यह कहना है प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी करवाने वाले प्लेटफॉर्म नियोस्टेंसिल डॉट कॉम के सह-संस्थापक कुश बीजल का. कुश बीजल ने बातचीत में कहा, "आज इंटरनेट की सुविधा गांवों में भी उपलब्ध है जिसके चलते अब गांव में बैठे युवा भी कई परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं."

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कुश बीजल और उनके भाई कुश बीजल ने 2015 में यूपीएससी की तैयारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियोस्टेंसिल डॉट कॉम की शुरुआत की थी. अब इस प्लेटफॉर्म पर यूपीएससी के अलावा राज्यों की लोकसेवा आयोगों की परीक्षा, नेट, ग्रेजुएट एप्टीट्यूट टेस्ट इन इंजीनियरिंग समेत कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) रेलवे जैसी परीक्षाओं के लिए भी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन तैयारी की सुविधा प्रदान की जा रही है.


उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के लाइव वीडियो के जरिए स्टूडेंट्स को क्लासरूम जैसा अनुभव उनके प्लेटफॉर्म पर मिलता है और इसके लिए कोई ज्यादा फीस भी नहीं है. कुश ने कहा, "सुदूर देहात से आकर दिल्ली जैसे बड़े शहरों यूपीएससी की तैयारी करने के लिए यहां रहने का खर्च बहुत सारे युवा नहीं जुटा पाते हैं. उसके बाद कोचिंग की फीस व अन्य खर्च भी होते हैं. मगर, ऑनलाइन कोचिंग में उनको वही सामग्री और क्लासरूम लेक्चर कम खर्च पर उपलब्ध हो जाता है."

कुश ने कहा कि ऑनलाइन कोचिंग कर परीक्षा की तैयारी करने वालों में पिछले साल यूपीएससी परीक्षा में सफल होने वाली नम्रता जैन एक मिसाल है. नम्रता जैन ने दंतेवाड़ा में रहकर यूपीएससी की तैयारी की थी. नियोस्टेंसिल की फीस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया, "स्टूडेंट्स अपनी जरूरत के मुताबिक दो हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की फीस में हमारी ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करते हैं और इसका लाभ उठाते हैं."

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यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी करवाने वाला नियोस्टेंसिल कोई एक मात्र प्लेटफार्म नहीं है. इस मार्केट में और भी कई पापुलर प्लेटफॉर्म हैं जिनमें से कुछ फ्री वीडियो भी मुहैया करवा रहे हैं. मगर कुश का कहना है कि फ्री होने से छात्र उसे शिद्दत से नहीं लेते हैं.

उन्होंने कहा, "हमारी कोई सेवा फ्री नहीं है. हम सिर्फ डेमो फ्री देते हैं. हमारे प्लेटफॉर्म से रजिस्टर्ड होने पर छात्रों को जो क्लासरूम का अनुभव होता है उससे पढ़ाई में उनकी रुचि बढ़ जाती है. इसके अलावा उनके प्रति हमारी भी जिम्मेदारी होती है, जोकि फ्री सुविधा में नहीं होती है." 

कुश IIT मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग में B.Tech करने के बाद IIM, कोलकाता से MBA कर चुके हैं. इनके बड़े भाई और नियोस्टेंसिल के सह-संस्थापक लव बीजल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली से डॉक्टरी की पढ़ाई कर चुके हैं.

अच्छी खासी नौकरी छोड़कर एक मिशन के तौर पर ऑनलाइन परीक्षा की तैयारी करवाने वाले प्लेटफार्म की शुरुआत करने वाले राजस्थान निवासी बीजल-बंधु का कारोबार छह करोड़ रुपये का हो चुका है. इन्होंने इस साल अपना कारोबार बढ़ाकर 15 से 18 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है.

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(इनपुट- आईएनएस)


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