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जल्लीकट्टू से प्रतिबंध हटाने वाले केंद्र के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

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जल्लीकट्टू से प्रतिबंध हटाने वाले केंद्र के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

जल्लीकट्टू को पोंगल के दौरान तमिलनाडु में खेला जाता है

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में आज केंद्र सरकार के उस निर्देश को चुनौती दी गई जिसके तहत तमिलनाडु में सांड को काबू करने वाले खेल जल्लीकट्टू से प्रतिबंध हटा दिया गया था। पोंगल के दौरान होने वाले इस खेल पर हालिया आए फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका को आज मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली एक बेंच के सामने रखा गया जो कल इस मामले की सुनवाई के लिए राजी हुए हैं।

इस याचिका को भारतीय पशु कल्याण बोर्ड, पेटा और एक बेंगलुरू स्थित एनजीओ ने दायर किया है। गौरतलब है कि जल्लीकट्टू पर लगे चार साल पुराने प्रतिबंध को मोदी सरकार ने हाल ही में हटा दिया है। तमिलनाडु में बहुत जल्द चुनाव होने वाले हैं इसलिए पशु अधिकार संगठन के कड़े विरोध के बावजूद इस प्रतिबंध को हटाए जाने के फैसलों को काफी अहम माना जा रहा है।

'कुछ शर्तें माननी होंगी'
पोंगल त्यौहार के दौरान खेले जाने वाले इस परंपरागत खेल में सांड को काबू में किया जाता है। हालांकि बैन हटाने की अधिसूचना जारी करते हुए केंद्र ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। शर्तों के अनुसार बैल गाड़ी की दौड़ एक नियमित ट्रैक पर आयोजित करनी होगी जो दो किलोमीटर से लम्बा नहीं होगा।

साथ ही जल्लीकट्टू के मामले में सांड के घेराव से बाहर जाते ही उसे 15 मीटर की अर्धव्यास दूरी के भीतर काबू करना होगा और यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से सांडों की उचित जांच करायी जाए ताकि यह सुनिश्चित हो कि ये जानवर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अच्छी शारीरिक दशा में है।



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