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जयललिता के लिए हुआ बड़ा 'यज्ञ', 200 पुजारी, 3,000 'भक्त', और मुफ्त बंटी साड़ियां

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जयललिता के लिए हुआ बड़ा 'यज्ञ', 200 पुजारी, 3,000 'भक्त', और मुफ्त बंटी साड़ियां
चेन्नई:

एक महीने से भी ज़्यादा समय से अस्पताल में भर्ती तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता के स्वास्थ्यलाभ की प्रार्थना करने के लिए सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के 3,000 से भी ज़्यादा सदस्यों ने मंगलवार को एक यज्ञ में भाग लिया. इस सामूहिक यज्ञ में लगभग 200 पुजारियों ने पूजा-अर्चना की.

'108 मृत्युंजय यज्ञ' का आयोजन जयललिता के वफादार माने जाने वाले विधायक आर. वेट्रिवेल ने किया था, और अपनी बीमार नेता के शीघ्र स्वास्थ्यलाभ के लिए पूजा-अर्चना पर वह बेतहाशा धनराशि खर्च कर चुके हैं. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को हुई पूजा - इस महीने में आर. वेट्रिवेल द्वारा करवाई गई 15वीं पूजा है - पर दो बार विधायक रह चुके वेट्रिवेल के 35 लाख रुपये खर्च हुए.

आर. वेट्रिवेल का कहना है, "हम उनकी (जयललिता की) पूजा करते हैं... हम चाहते हैं, वह पूरी तरह स्वस्थ होकर लौट आएं..."
 


पिछले साल आर. वेट्रिवेल ने सिर्फ इसलिए अपने विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया था, ताकि जयललिता उस सीट से चुनाव लड़ सकें. बाद में उन्होंने खुद किसी और सीट से चुनाव लड़ा.

यज्ञ की अग्नि को प्रज्वलित करने के लिए कई टंकी भरकर घी, लकड़ी, फल, फूल और बादामों का प्रयोग किया गया. तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पुजारियों के आसपास अनाज और मसालों से भरी हज़ारों तश्तरियां भी रखी हुई थीं.

प्रार्थना में मौजूद हज़ारों लोगों में अधिकतर महिला समर्थक थीं, जिन्हें बिल्कुल एक जैसी साड़ियां उपहार के रूप में प्रदान की गईं.
 


एस. मुनिअम्मा ने कहा, "यह उनके (जयललिता के) लिए पुनर्जन्म जैसा है... वही अगली मुख्यमंत्री भी बनेंगी..."

जे. जयललिता के विधानसभा क्षेत्र की रहने वाली ए. आनंदी ने कहा, "परमात्मा हमारा साथ नहीं छोड़ेगा... हम यहां पूरी आस्था के साथ प्रार्थना करने आए हैं..."

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68-वर्षीय मुख्यमंत्री तथा एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता 22 सितंबर से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं, और उनकी अनुपस्थिति में उनके मंत्रिमंडल में वित्तमंत्री रहे ओ. पनीरसेल्वम ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जयललिता के पास मौजूद रहे मंत्रालयों तथा कैबिनेट बैठकों की अध्यक्षता का कार्यभार संभाल लिया है.

आमतौर पर एआईएडीएमके सदस्यों को जयललिता के सामने झुकते हुए या श्रद्धापूर्वक अपनी नेता के पांव छूते हुए देखा जाता रहा है, लेकिन इन पूजा आयोजनों को लेकर आलोचकों द्वारा लगाए गए चापलूसी के आरोपों को नकारते हुए वेट्रिवेल ने कहा, "ये बेवकूफाना आरोप हैं..."



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