सौतेले भाई वासुदेवन ने मैसूर में जयललिता का किया सांकेतिक रूप से अंतिम संस्कार

सौतेले भाई वासुदेवन ने मैसूर में जयललिता का किया सांकेतिक रूप से अंतिम संस्कार

चेन्नई:

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के अंतिम संस्कार की रस्म आयंगर ब्राह्मण समाज के रीति-रिवाजों के मुताबिक मंगलवार को मैसूर में उनके सौतेले भाई वासुदेवन ने पूरी की. रस्म पूरी करने के लिए दो पंडितों का इंतज़ाम किया गया था.

जयललिता का जन्म मैसूर के पास मण्डया में हुआ था. 68 साल की उम्र में 5 दिसंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में उनके निधन के बाद उन्हें दफ़नाया गया था. एआईएडीएमके के सभी बड़े नेताओं को पहले भी दफ़नाया जाता रहा है. इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जयललिता को भी दफ़नाया गया.

बताया जाता है कि इससे उनके परिवार वाले खुश नहीं थे. ऐसे में आज मैसूर में उनकी आत्मा की शांति के लिए सांकेतिक अंतिम संस्कार किया गया. हालांकि जयललिता के मैसूर के संबंधी कभी भी उनके क़रीब नहीं रहे. फिल्म और राजनीति में शिखर पर जयललिता रहीं लेकिन उनका परिवार दूर रहा. हालांकि इस पर भी रहस्य बरक़रार है कि आखिर परिवार से दूरी की वजह क्या थी?

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