जयललिता के विभागों की जिम्मेदारी के साथ पनीरसेल्वम ने पूरा दिन अस्पताल में बिताया

जयललिता के विभागों की जिम्मेदारी के साथ पनीरसेल्वम ने पूरा दिन अस्पताल में बिताया

पनीरसेल्वम.

खास बातें

  • पनीरसेल्वम ने नहीं लिया किसी कैबिनेट बैठक में भाग
  • करुणानिधि ने कहा, सीएम हस्ताक्षर कर रही हैं तो नेताओं से क्यों नहीं मिलती
  • डॉ रामदास ने कहा, असंबंधित लोग सरकारी मशीनरी को नियंत्रित कर रहे
चेन्नई:

तमिलनाडु के वित्त मंत्री ओ पनीरसेल्वम ने आज पूरा दिन उस अस्पताल में बिताया जहां मुख्यमंत्री जे जयललिता तीन सप्ताह से भर्ती हैं. जयललिता के सभी आठ विभाग कल पनीरसेल्वम को सौंप दिए गए हैं.

काफी विश्वसनीय और वफादार माने जाने वाले पनीरसेल्वम गृह, पुलिस, आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसे पोर्टफोलियो को संभाल रहे हैं, लेकिन उन्होंने कोई कैबिनेट बैठक नहीं की. इसके बजाय उन्होंने अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मुलाकात की, जिनमें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल थे. नेता द्वय आज मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेने के लिए चेन्नई के अपोलो अस्पताल पहुंचे थे.     

अतीत में भी दो बार जयललिता को सजा होने व उनके इस्तीफा देने पर पनीरसेल्वम ने यह जिम्मेदारी संभाली थी.  

मंगलवार को राजभवन से जारी बयान में राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर उनके विभाग हस्तांतरित करने की जानकारी दी गई थी. मुख्यमंत्री के 21 दिनों से अस्पताल में भर्ती होने के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद विभागों की जिम्मेदारी हस्तांतरित करने का यह अनुरोध किया गया था.

डीएमके प्रमुख करुणानिधि ने एक बयान में कहा है कि "सवाल यह उठता है कि अगर जयललिता ने एक हस्ताक्षरित सलाह जारी की है तो फिर नेताओं को अस्पताल में उनसे मिलने का कोई अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है."

सुश्री जयललिता के करीबी लोगों का जिक्र करते हुए पीएमके प्रमुख डॉ रामदास ने कहा, "राज्यपाल को ऐसा नहीं होना चाहिए. असंबंधित लोग सरकारी मशीनरी को नियंत्रित कर रहे हैं. जयललिता रेस्पाइरेटरी सपोर्ट पर होने के कारण कोई इशारा या हस्ताक्षर नहीं कर सकतीं. सब काम संविधान के अनुसार करना चाहिए."

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अन्नाद्रमुक ने संकेत दिया कि जयललिता ने मौखिक सहमति दे दी है. पार्टी प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने कहा, "वह बेहोश नहीं हैं. संक्रमण के कारण सभी अंदर नहीं जा सकते हैं. केवल डॉक्टर जा रहे हैं और उन्हें बता रहे हैं. अन्नाद्रमुक में सब कुछ मुख्यमंत्री की जानकारी में हो रहा है."

डॉक्टरों का कहना है सुश्री जयललिता के फेंफड़ों का संक्रमण समाप्त करने के लिए दवाओं और रेस्पाइरेटरी सपोर्ट पर एम्स और लंदन के विशेषज्ञ गहनता से नजर रख रहे हैं.