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बस चलता तो चुनाव आयोग से पहले नतीजे बता देता...

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बस चलता तो चुनाव आयोग से पहले नतीजे बता देता...

बिहार चुनाव (फाइल फोटो)

नमस्कार, मैं रवीश कुमार, बस चलता तो चुनाव आयोग से पहले नतीजे बता देता। बहुत कोशिश की वो नंबर बता दूं जो आने वाला है। एग्जिट पोल ने ऐसे ऐसे नंबर दिये कि समझ ही नहीं आया कि एलजेबरा की कोचिंग करूं या कैलकुलस की। किसी न किसी का तो सही हो ही जाएगा। मैंने भी एक नंबर कुछ लोगों को बताया, लेकिन जब से एग्जिट पोल आए हैं सब मुझे खोज रहे हैं। हमने साफ साफ कह दिया कि अगर एग्जिट पोल वाले बार-बार गलत होकर बार-बार आ जाते हैं अपना नंबर लेकर तो मैं ग़लत होने के डर से क्यों मुंबई भाग जाऊं। तो आप सब जिनको लगता है कि ये नंबर आएगा एनडीटीवी इंडिया के ट्विटर हैंडल @ndtvindia पर भेजिये। एनडीए को कितना नंबर आएगा और महागठबंधन को कितना नंबर आएगा। ध्यान रहे एग्जिट पोल से प्रभावित होकर अपने नंबर न भेजें।

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एक मुश्किल चुनाव है ये। जो भी जीतेगा उसे जीत थाली में रखकर नहीं मिलेगी। दोनों पक्षों ने घनघोर लड़ाई की है। जिसके पास जो भी रणनीति थी आज़ामा ली है। किसी ने गाय खोल दी तो किसी ने सरसो मिर्चा का हवन भी कर लिया। पैकेज से शुरू हुआ चुनाव पाकिस्तान पर चला गया और गवर्नेंस की बात होते होते गाय की होने लगी। डीएनए की बात होते होते ब्रहमपिशाच और नरभक्षी की होने लगी। पर हमारी चुनावी राजनीति का स्तर जैसा है हमारे नेताओं ने उसे भाषा के स्तर के मामले में भी बरकरार रखा। लड़ाई ऐसी थी कि चुनाव से पहले नतीजे बता देने वालों की जमात से कमज़ोर दिल वाले पहले ही भाग खड़े हुए। कुछ नहीं मिला तो कांटे की टक्कर है कांटे की टक्कर है करने लगे। जीतेगा तो कोई एक ही। रैलियों और सभाओं के मामले में भी यह अप्रत्याशित चुनाव रहा। बीजेपी ने अपने दल बल के साथ खूब लड़ाई लड़ी है। उसके कई नेता ऐसे हैं जो सौ सौ सभाएं करने का दावा कर रहे हैं। महागठबंधन ने भी वो सबकुछ किया जो करना चाहिए था। उसके पास बीजेपी की तरह कार्यकर्ताओं और रणनीतिकारों की फौज नहीं थी फिर भी उसकी लड़ाई कई बार बीजेपी पर भारी पड़ी। हेलीकॉप्टर के पायलटों ने बिहार खूब देखा होगा। ज़मीन से बिहार चाहे जैसा दिखे, लेकिन हेलीकाप्टर से बहुत खूबसूरत दिखता है। हरे हरे खेत और ताड़ के पेड़ किसी कैनवास पर उतारी गई तस्वीर की तरह लगते हैं। बिहार की नदियां उसकी असली नायिकाएं हैं। अब जो भी होगा अगले पांच साल के बिहार का मुस्तकबिल तय करेगा। भविष्य तय करेगा। जो भी विजेता हो उससे यही दुआ है कि अपनी ज़ुबान का ख़्याल रखें। अब वैसे न बोले जैसे वो रैलियों में बोल रहे थे।

तो हम तैयार हैं। नतीजे पर आपको सबसे पहले बताने का दावा कैसे कर सकते हैं। मैं ऐसा भी दावा नहीं करना चाहता कि आपको लगे कि ईवीएम खुलने से भी पहले मैं बता रहा हूं। पर जितने दावे करने वाले चैनल हैं उनको आज फाइट दे देंगे। तो आप एनडीटीवी इंडिया देखते रहिए।


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