NDTV Khabar

महाराष्ट्र सरकार बाल ठाकरे के स्मारक के लिए देगी 100 करोड़ रुपये, क्या अब सुधरेंगे शिवसेना के बीजेपी से रिश्ते?

मुंबई के दादर उपनगर के शिवाजी पार्क में स्थित महापौर का बंगला बालासाहब ठाकरे के स्मारक के लिए दिया जाएगा

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां

खास बातें

  1. महाराष्ट्र कैबिनेट ने स्मारक के लिए सौ करोड़ रुपये मंजूर किए
  2. शिवसेना बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर अब भी खामोश
  3. विपक्ष ने कहा- चुनाव में अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश कर रही बीजेपी
मुंबई:

महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के स्मारक के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया. इसी स्मारक के लिए बीएमसी बुधवार को महापौर बंगला एमएमआरडीए को सौंपेगी. इस ऐलान के बाद बीजेपी और शिवसेना के बीच कई दिनों से चल रहे मनमुटाव में कमी आने की उम्मीद की जा रही है.

शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जयंती के ठीक एक दिन पहले मंगलवार को महाराष्ट्र की कैबिनेट ने उनके स्मारक को मंजूरी देते हुए 100 करोड़ रुपये की राशि देने का ऐलान किया. सरकार ने बताया कि इस स्मारक का निर्माण एमएमआरडीए की ओर से किया जाएगा और स्मारक का नाम बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक रखा जाएगा. बीजेपी को उम्मीद है कि इस ऐलान के बाद दोनों पार्टियों के बीच चल रही नोकझोंक में कमी आएगी.

संजय दत्त से लेकर दिलीप कुमार तक, बाल ठाकरे का फिल्मी दुनिया से था गहरा नाता


शिवसेना की ओर से काफी दिनों से बालासाहेब ठाकरे का स्मारक बनाने के लिए मंजूरी लेने की बात चल रही थी. पार्टी ने यह पहले ही साफ कर दिया था कि स्मारक दादर के शिवाजी पार्क में स्थित महापौर निवास में ही बनाया जाएगा. अब इसके लिए उन्हें सारी मंजूरियां मिल गई हैं. हालांकि बीजेपी के साथ गठबंधन पर शिवसेना की ओर से अब भी कोई सीधा जवाब मिलता नहीं दिख रहा है.

शिवसेना के मंत्री भूले ठाकरे का स्मारक, उद्धव ठाकरे ने पिलाई डांट - सूत्र

इस बीच विपक्ष की ओर से यह आरोप लग रहा है कि केवल आने वाले चुनाव में अपनी कुर्सी को बचाने के लिए बीजेपी ने कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है.

VIDEO : मेमोरियल के निर्माण में देरी से उद्धव नाराज

टिप्पणियां

बाल ठाकरे की अगुवाई में ही शिवसेना और बीजेपी के बीच में गठबंधन की शुरुआत हुई थी. हालांकि पिछले साढ़े चार साल में दोनों पार्टियों के बीच तनाव का माहौल बना रहा है लेकिन इसके बावजूद शिवसेना ने सत्ता से खुद को अलग नहीं किया और अब यह उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार को कैबिनेट की ओर से हुए इस ऐलान के बाद दोनों पार्टियों के बीच रिश्ते एक बार फिर से सुधर सकते हैं.



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement