शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों ने अमित शाह पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, गृह मंत्री के घर का घेराव करने की चेतावनी

पुलिस ने कहा- प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट नहीं लिया, लोगों को बड़ी संख्या में मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी गई

शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों ने अमित शाह पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप, गृह मंत्री के घर का घेराव करने की चेतावनी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के लिए निकले मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी महिलाएं.

खास बातें

  • पुलिस को तासीर अहमद ने मार्च की परमीशन के लिए लेटर दिया था
  • दादियों ने कहा- अमित शाह ने की वादाखिलाफी, लड़ाई जारी रहेगी
  • कहा-अमित शाह पूरी तरह देश और दुनिया के सामने एक्सपोज़ हो गए
नई दिल्ली:

दो महीने से दिल्ली के शाहीन बाग पर नागरिकता कानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी है. गृह मंत्री अमित शाह के न्योते पर आज प्रदर्शनकारी गृह मंत्री अमित शाह से मिलने जा रहे थे. दो दिन पहले एक टीवी कार्यक्रम में गृह मंत्री ने उनको बातचीत करने का न्योता दिया था. इस पर प्रदर्शनकारी बातचीत को तैयार हो गए. ये प्रदर्शनकारी गृह मंत्री शाह के घर मार्च निकालते हुए जा रहे थे. इस मार्च को पुलिस से इजाजत नहीं मिली. पुलिस से बात करने के लिए प्रदर्शनकारियों में शामिल दादियां पहुंचीं. वे पुलिस की बात मानकर वापस लौट गईं. इसके बाद मार्च में शामिल सारे प्रदर्शनकारी लौट गए. लेकिन दादियों के साथ प्रदर्शन में बैठी महिलाएं अमित शाह से बेहद नाराज़ हैं क्योंकि उन्होंने आमंत्रण टीवी चैनल के माध्यम से दिया था. जब जनता उनसे मिलने के लिए निकली तो उन्होंने अपनी पुलिस को ताकत के बल पर रोक दिया. उन्होंने कहा कि लेकिन फिर भी हमारे हौसलों में कमी नहीं है, लड़ाई हमारी जारी रहेगी, जब तक हमें इंसाफ नहीं मिल जाएगा.

शाहीन बाग की दादियों ने कहा कि अमित शाह के बुलावे ने हमें वे खुशियां दे दी थीं जिसका ज़िक्र कर पाना मुश्किल था. हमें लग रहा था कि देश के गृह मंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून के बारे में देश की जनता से कहा था कि तीन दिन के अंदर कोई आना  चाहता है तो वह आ सकता है. उनके इस संदेश के मुताबिक हम भी अवाम के साथ मिलने के लिए शाहीन बाग से उनके पास जाना चाह रहे थे. लेकिन हमारे इस मार्च को उनकी पुलिस ने रोक दिया. अब सवाल, कि अमित शाह का ये संदेश आखिर किसके लिए था. अगर हम लोगों के लिए था तो पुलिस ने क्यों रोका?

देर रात शाहीन बाग पुलिस स्टेशन में शाहीन बाग के लोगों की तरफ से तासीर अहमद ने मार्च की परमीशन के लिए लेटर दिया था. उसमें कहा गया था कि मार्च गृह मंत्री निवास जाकर मुलाकात करेगा. उक्त पत्र को दिल्ली पुलिस ने आला अधिकारियों  को भेजा था. साउथ ईस्ट डीसीपी आरपी मीणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की तरफ से गृह मंत्री के यहां कोई अपॉइंटमेंट नहीं लिया गया था. इसके अलावा इनकी संख्या बहुत ज़्यादा है इसलिए इनको अनुमति नहीं दी जा सकती. मार्च की परमीशन के लिए इनको दिल्ली पुलिस को टाइम देना चाहिए था क्योकि जहां से मार्च को गुज़रना था वहां एक से ज्यादा जिले इसके दायरे में आते हैं. इसलिए इनको मार्च निकलने की इजाज़त नहीं दी गई है.

रास्ता खुलवाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगी शाहीन बाग की महिलाएं

jcv19uk4

मार्च की परमिशन के लिए पत्र देने वाले तासीर अहमद कहते हैं कि अमित शाह ने वादाखिलाफी की, शाहीन बाग के प्रोटेस्टर्स के साथ. सारी प्रक्रिया  अपनाने के बावजूद अमित शाह ने अपनी पुलिस की ताक़त का दुरुपयोग करके शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों  को  रोका. इस  प्रकार आज अमित  शाह पूरी तरह देश और दुनिया के सामने एक्सपोज़ हो गए जो कि देश के गृह मंत्री को शोभनीय नहीं है.  उन्होंने अपने कर्त्वयों का पालन नहीं किया. उनकी  कथनी और करनी बिलकुल भिन्न होती है. किसी को  निमंत्रण देकर उससे न मिलना देश की परंपरा और संस्कृति के खिलाफ है. उन्हें माफ़ी  मांगनी चाहिए और अपना  वादा निभाना चाहिए. अगर उन्होंने ऐसा नहीं  किया तो हम लोग बहुत जल्द उनके घर का घेराव करेंगे.

17lpkp9

आज दादियों के साथ मार्च का नेतृत्व करते हुए सोनू वारसी ने भी अमित शाह से नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह वदा खिलाफी है. पहले आमंत्रण भेजते हैं उसके बाद डरकर मिलने वालों को रुकवा भी देते हैं. लेकिन हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा जब तक ये काला कानून वापस नहीं लिया जाएगा.

VIDEO : शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का मार्च रोका गया

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com