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कोलकाता टेस्ट : टीम इंडिया के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा, मैं और चेतेश्वर पुजारा हैं दोषी!

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कोलकाता टेस्ट : टीम इंडिया के बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने कहा, मैं और चेतेश्वर पुजारा हैं दोषी!

अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा के बीच 141 रन की अहम साझेदारी हुई (फाइल फोटो: AFP)

खास बातें

  1. टीम इंडिया ने 46 रन पर खो दिए थे 3 विकेट
  2. पहली पारी में भारतीय टीम 316 रन पर सिमट गई
  3. रहाणे ने 77, तो चेतेश्वर पुजारा ने बनाए 87 रन
कोलकाता: टीम इंडिया कोलकाता में अपना 250वां घरेलू टेस्ट खेल रही है. कप्तान विराट कोहली के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को टीम इंडिया के बल्लेबाज सही साबित नहीं कर पाए और आसानी से विकेट गंवा दिए. हालांकि अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा ने फिफ्टी बनाई और पारी को संभालकर टीम का स्कोर सम्मानजनक बनाने में अहम रोल निभाया. फिर भी रहाणे को एक चीज का मलाल है और उन्होंने इसके लिए खुद को और चेतेश्वर पुजारा को दोषी माना है. उन्होंने यह भी कहा कि ईडन गार्डन्स की गैर-पारंपरिक पिच पर बल्लेबाजी करना एक चुनौती थी, जिस पर टीम के बल्लेबाज खरे नहीं उतर सके.

अजिंक्य रहाणे ने 77, जबकि पुजारा ने 87 रन की पारी खेली जिससे भारत ने दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल समाप्त होने तक 7 विकेट गंवाकर 239 रन बनाए थे. दोनों ही बल्लेबाजों ने तब चौथे विकेट के लिए 141 रन की अहम भागीदारी निभाई थी, जब भारतीय टीम 46 रन के अंदर 3 विकेट गंवाकर जूझ रही थी.

हम दोनों पर थी जिम्मेदारी, कोई अन्य दोषी नहीं
रहाणे ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘हमारे कुछ खिलाड़ी आसानी से आउट हो गए, लेकिन मेरे और पुजारा के बीच साझेदारी अहम थी. मैं और पुजारा दोषी हैं, क्योंकि हम दोनों ही जमे हुए थे. इस भागीदारी को आगे ले जाने की जिम्मेदारी हमारी थी.’ रहाणे ने कहा, ‘एक बल्लेबाज को आउट करने के लिए सिर्फ एक गेंद की जरूरत होती है, लेकिन हम (दोनों) में से कोई एक शतक बनाता, तो हमारी स्थिति अलग होती. मैं किसी अन्य को दोषी नहीं ठहरा रहा हूं. यह हमारी जिम्मेदारी थी.’

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उन्होंने यह भी कहा, ‘यह कोलकाता की ठेठ पिच नहीं है. विकेट दो तरह का था. दूसरे सत्र में यह काफी उमसभरा था. यह हमारे लिए अच्छा दिन नहीं था. हमें लगा था कि विकेट काफी अच्छा होगा. आमतौर पर यह सपाट और बल्लेबाजी के लिए अच्छा होता है. यह तेज गेंदबाजों के लिए अच्छा था.’

भारत के लिए दिन को निराशाजनक करार करते हुए रहाणे ने कहा, ‘आप शतक जड़ने के बारे में नहीं सोचते. आप हालात के अनुरूप खेलते हो. शायद हम अपनी एकाग्रता खो बैठे. हमने दो अतिरिक्त विकेट गंवा दिए. पांच विकेट आदर्श होते.’ उन्होंने कहा, ‘टर्निंग पिच पर रक्षात्मक होना हमेशा अहम होता है. अगर आपका डिफेंस मजबूत है तो कोई भी आपको आउट नहीं कर सकता, इसलिए हमने लंच के बाद के सत्र में इतनी मजबूती से बल्लेबाजी की, लेकिन तीसरे सत्र में हमें लगा कि यह हमारे लिए एकमात्र मौका है जहां हम आजादी से स्कोर कर सकते हैं क्योंकि गेंद पुरानी थी और गेंदबाज थके थे.’


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