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एक अलबेला 'बुज़ुर्ग' कप्तान, जिसने पाकिस्तान क्रिकेट को पहुंचाया नई ऊंचाइयों पर

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एक अलबेला 'बुज़ुर्ग' कप्तान, जिसने पाकिस्तान क्रिकेट को पहुंचाया नई ऊंचाइयों पर
नई दिल्ली:

यह 2010 की बात है... पाकिस्तानी खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड की चौतरफा आलोचना हो रही थी... आलोचना और सवाल उठने के पीछे सबसे बड़ी वजह थी स्पॉट फिक्सिंग... वर्ष 2010 में एक स्टिंग ऑपरेशन लॉर्ड्स के मैदान पर पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टेस्ट मैच में पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट, युवा गेंदबाज़ मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा... छानबीन के दौरान साबित भी हो गया... पाकिस्तानी बोर्ड ने यह सोचकर एक युवा टीम को इंग्लैंड भेजा था कि कप्तान और युवा खिलाड़ियों को कुछ सीखने को मिलेगा और आगे चलकर वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया... खुद कप्तान बट ने अपने गेंदबाज़ों को स्पॉट फ़िक्सिंग की 'अनुमति' दी थी...

अब सवाल था, 'कौन बनेगा कप्तान' : इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम की कमान कौन संभालेगा, यह एक बहुत बड़ा सवाल था... बोर्ड के सामने ज़्यादा विकल्प भी नहीं थे... इंग्लैंड के दौरे के लिए जो टीम भेजी गई थी, उसमें न यूनुस खान थे, न मिसबाह-उल-हक़... अब पाकिस्तान को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यूएई में टेस्ट सीरीज़ खेलनी थी, और जीत हासिल कर खुद पर लगे धब्बे को धोना था...


जब बोर्ड चेयरमैन ने मिसबाह को बुलाया : फिर मिसबाह उल हक़ को बोर्ड के चेयरमैन एजाज़ बट ने अपने ऑफिस में बुलाया... मिसबाह खुद इस बुलावे से हैरान थे, और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि बुलावे की वजह क्या है... मीडिया से दूर रहने के लिए क्लर्क रूम में मीटिंग हुई, बट ने मिसबाह को पाकिस्तान टीम की कमान संभालने के लिए कहा... प्रस्ताव से मिसबाह हैरान थे, उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था, क्योंकि उनका नाम तो 35 सदस्यों वाले प्रीलिमिनरी स्क्वाड तक में नहीं था... फिर सोच-समझकर मिसबाह ने हां कह दिया...

मिसबाह के नाम का कप्तान के रूप में ऐलान हुआ : मिसबाह को खास निर्देश दिया गया था कि इस मीटिंग और फैसले के बारे में किसी को कुछ न बताएं, सो, उन्होंने अपने परिवार को भी कुछ नहीं बताया था... फिर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का ऐलान हुआ और मिसबाह-उल-हक़ कप्तान घोषित किए गए... इस ऐलान से सब हैरान थे, और सवाल उठने लगे कि जिस खिलाड़ी का नाम प्रीलिमिनरी स्क्वाड में नहीं था, वह कप्तान कैसे बन सकता है...

पहली सीरीज़ में अच्छा प्रदर्शन : मिसबाह के सामने बहुत बड़ी चुनौती थी... टीम बिखरी हुई थी, मैच फ़िक्सिंग को लेकर टीम पर काला बादल छाया हुआ था... अब एक तरफ मिसबाह को टीम के सदस्यों का भरोसा जीतना था, दूसरी तरफ उन्हें मैच फ़िक्सिंग जैसे मामलों से दूर रखना था, और अच्छा खेलकर अपनी कप्तानी को सही भी साबित करना था... नवंबर, 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले पहले टेस्ट मैच को पाकिस्तान ड्रॉ करवाने में कामयाब हुआ... दूसरा टेस्ट मैच भी ड्रॉ रहा, सो, दो ही मैच की सीरीज़ को ड्रॉ करने में पाकिस्तान कामयाब रहा... जहां तक निजी प्रदर्शन की बात है, सीरीज़ में शानदार खेल दिखाते हुए मिसबाह ने तीन अर्द्धशतक ठोके...

मिसबाह की कप्तानी में लगातार चार टेस्ट सीरीज़ जीतीं : फिर जनवरी, 2011 में दो टेस्ट मैच की सीरीज़ खेलने के लिए पाकिस्तान ने न्यूज़ीलैंड का दौरा किया और 1-0 से जीत हासिल की... न्यूज़ीलैंड के खिलाफ भी मिसबाह ने न सिर्फ शानदार कप्तानी की, बल्कि बल्लेबाजी में भी जौहर दिखाए... इस सीरीज़ में भी मिसबाह ने तीन अर्द्धशतक लगाए, और आखिरी मैच में 'मैन ऑफ द मैच' रहे...

अब पाकिस्तानी बोर्ड का भरोसा मिसबाह पर बढ़ गया... उनकी कप्तानी में पाकिस्तानी टीम भी अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, और वह खुद भी अच्छी बल्लेबाजी करते हुए सबका दिल जीत रहे थे... फिर 2011-12 में मिसबाह की कप्तानी में पाकिस्तान ने ज़िम्बाब्वे, श्रीलंका, बांग्लादेश और इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चार टेस्ट सीरीज़ जीतीं...

पिछले तीन सालों में शानदार प्रदर्शन : फिर 2012-13 में पाकिस्तान को श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के दौरे में हार नसीब हुई, लेकिन 2014 से 2016 के बीच मिसबाह की कप्तानी में पाकिस्तान ने फिर शानदार प्रदर्शन किया... इन तीन सालों में पाकिस्तान ने नौ टेस्ट सीरीज खेली हैं, जिनमें से चार में उन्हें जीत मिली है, चार ड्रॉ रहीं, और सिर्फ एक सीरीज़ में उन्हें हार का सामना करना पड़ा... इस दौरान पाकिस्तान ने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी दिग्गज टीमों को हराया है...

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इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन : जुलाई, 2016 में पाकिस्तान ने चार टेस्ट मैच खेलने के लिए इंग्लैंड का दौरा किया... इस सीरीज़ में पाकिस्तान ने शानदार प्रदर्शन बरकरार रखते हुए 2-2 से बराबरी की... सीरीज़ में 2-1 पिछड़ने के बावजूद पाकिस्तान ने आखिरी टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया, और यह जीत पाकिस्तान को 14 अगस्त को हासिल हुई थी, जब सारा पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, और पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने इंग्लैंड के मैदान पर अपना झंडा फहरा दिया... यह जीत पाकिस्तान के लिए बहुत बड़ी थी... इस सीरीज़ में शानदार बल्लेबाजी और कप्तानी करने के लिए मिसबाह को 'मैन ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार भी दिया गया...

पाकिस्तान पहली बार टेस्ट रैंकिंग में अव्वल : इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ ड्रॉ रखने के बाद पाकिस्तान आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंच गया है, और पाकिस्तान के क्रिकेट इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है... सो, पिछले छह सालों में पाकिस्तानी टीम ने मिसबाह की कप्तानी में ढेरों कमाल कर दिखाए हैं... पाकिस्तान बोर्ड ने मिसबाह पर जो भरोसा दिखाया था, और ज़िम्मेदारी सौंपी थी, मिसबाह उस पर खरे उतरे और अपनी टीम को ऐसे मुकाम तक पहुंचा दिया है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा...



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