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पाकिस्तान के खिलाफ हार को बर्दाश्त नहीं कर पाए अनिल कुंबले, तो क्या टीम इंडिया को डांटना पड़ा भारी?

पाकिस्तान के खिलाफ 180 रनों की शर्मनाक शिकस्त के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भले ही पाकिस्तान की जमकर तारीफ की,लेकिन कुंबले ने मैच के बाद कड़ी क्लास लगाई.

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पाकिस्तान के खिलाफ हार को बर्दाश्त नहीं कर पाए अनिल कुंबले, तो क्या टीम इंडिया को डांटना पड़ा भारी?

अनिल कुंबले को जून, 2016 में कोच बनाया गया था (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कोच अनिल कुंबले का करार 20 जून को खत्म हो गया था
  2. बोर्ड ने उनको वेस्टइंडीज दौरे तक बने रहने के लिए कहा था
  3. विराट के सहमत नहीं होने पर कुंबले ने इस्तीफा दे दिया
नई दिल्ली: पाकिस्तान के खिलाफ 180 रनों की शर्मनाक शिकस्त के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने भले ही पाकिस्तान की जमकर तारीफ की,लेकिन कुंबले ने मैच के बाद कड़ी क्लास लगाई. खबरों के मुताबिक अनिल कुंबले ने टीम के कई खिलाड़ियों को खूब डांट लगाई और कहा कि हर किसी का खेल फाइनल में उम्मीद से कम स्तर का था. माना जा रहा है कि यही कुंबले की रवानगी की अंतिम वजह बना. आइए जानते हैं कि हुआ क्या...

कुंबले को इस बात से और गुस्सा आया कि मैच के बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर हार का गम बिल्कुल भी नहीं था और वह मैदान पर पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ हंसी मजाक कर रहे थे.

अनिल कुंबले ने ड्रेसिंग रूम में टीम के गेंदबाजों की खूब क्लास लगाई और उन्हें कहा कि टीम में बने रहने के लिए ऐसा प्रदर्शन काम नहीं आएगा. कुंबले की ये कड़वी बातें कप्तान विराट कोहली को पसंद नहीं आईं, क्योंकि कोहली का मानना था कि खिलाडियों ने कोशिश तो पूरी की थी पर उस दिन पाकिस्तान की टीम हर लिहाज से बेहतर थी. पर कुंबले कोहली की इस दलील को मानने के लिए तैयार नहीं थे.

बस फिर क्या था? इस झगड़े ने कोहली-कुंबले विवाद में ताबूत में आखिरी कील का काम किया. अगले दिन कुंबले जब बीसीसीआई के अधिकारियों से मिले तो कुंबले को ये साफ कर दिया गया कि कोहली उन्हें अब टीम का कोच नहीं चाहते. कुंबले ने उसी समय टीम के कोच पद से इस्तीफा देने  का मन बना लिया.

अनिल कुंबले ने कोच पद छोड़ने के बाद ट्वीट में कप्तान विराट कोहली से संबंध नहीं सुधर पाने की संभावना के बारे में कहा है. कुबंले ने लिखा, 'मुझे बताया गया कि कप्तान को मेरी कार्यशैली को लेकर परेशानी है. यह जानकर मैं हैरान रह गया क्योंकि कप्तान और कोच की सीमाएं मुझे अच्छी तरह से पता हैं. हालांकि बीसीसीआई ने मेरे और कप्तान के बीच सुलह कराने की कोशिश की. लेकिन यह स्पष्ट था कि यह साझेदारी आगे नहीं चलने वाली थी. ऐसे में मैंने इस्तीफा देना ही बेहतर समझा.'


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