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भारतीय टीम की खिलाड़ी के रूप में मुझे ट्रेन में अनारक्षित सीट पर यात्रा करनी पड़ी थी: मिताली राज

महिला वर्ल्‍डकप 2017 में उपविजेता रही भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने शीर्ष तक की अपनी यात्रा को याद किया.

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भारतीय टीम की  खिलाड़ी के रूप में मुझे ट्रेन में अनारक्षित सीट पर यात्रा करनी पड़ी थी: मिताली राज

मिताली राज की कप्‍तानी में भारतीय टीम, महिला वर्ल्‍डकप 2017 में उपविजेता रही थी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. महिला क्रिकेटर के रूप में अपने संघर्ष को याद किया
  2. कहा-उस समय BCCIके अंतर्गत नहीं था महिला क्रिकेट
  3. शुरुआती चुनौतियों ने हमें मानसिक रूप से मजबूत बनाया
मुंबई: महिला वर्ल्‍डकप 2017 में उपविजेता रही भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज ने शीर्ष तक की अपनी यात्रा को याद किया. मिताली ने बताया कि भारतीय खिलाड़ी के रूप में उन्‍हें ट्रेन में अनारक्षित सीट पर भी यात्रा करनी पड़ी थी.  मिताली ने यहां ‘वी द वुमेन’ पहल के एक सत्र के दौरान कहा, ‘इस यात्रा के दौरान मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा. अब हम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अंतर्गत हैं लेकिन उस समय (जब महिला खिलाड़ी बीसीसीआई के अंतर्गत नहीं थी) हमें खिलाड़ी के रूप में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं.

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उन्‍होंने कहा कि भारतीय क्रिकेटर के रूप में मैंने हैदराबाद से दिल्ली की यात्रा रेल से अनारक्षित सीट पर की. पुरुषों के साथ ऐसा कभी नहीं हुआ.’ जोधपुर में जन्मीं मिताली ने कहा, ‘यही राहुल द्रविड़ ने कहा. भारतीय खिलाड़ी के रूप में उन्होंने कभी रेल से यात्रा नहीं की, लेकिन मैंने की. लेकिन इन मुश्किलों ने हमें मजबूत बनाया.

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टीम इंडिया की कप्‍तान मिताली ने कहा कि महिला के रूप में हमें शुरुआती चरण में इतनी अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, इसके बाद जब हम परिपक्व हुए और चुनौतियों को स्वीकार किया, इसलिए हम मानसिक रूप से मजबूत हुए.’मिताली ने याद किया कि किस तरह उनके दादा-दादी उनके खेल से जुड़ने में सहज नहीं थे. (इनपुट: एजेंसी)


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