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कोर्ट के आदेश के बाद भी BCCI की बैठक में शामिल हुए श्रीनिवासन, बोर्ड ने स्थगित की बैठक

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कोर्ट के आदेश के बाद भी BCCI की  बैठक में शामिल हुए श्रीनिवासन, बोर्ड ने स्थगित की बैठक

लोढा समिति की सिफारिशों पर कोर्ट ने 70 साल से अधिक वाले लोगों को BCCI बोर्ड के लिए अयोग्य करार दिया है

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई)  ने रविवार को अपनी ‘विशेष आम बैठक’ स्थगित कर दी. बैठक में पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने शिरकत की जबकि प्रशासकों की समिति (सीओए) ने कुछ मुद्दों पर उच्चतम न्यायालय से निर्देश मांगे हैं.

बैठक को स्थगित करने का फैसला तब लिया गया जब पता चला कि सीओए ने उच्चतम न्यायालय से यह जानने के लिए निर्देश मांगे कि आईसीसी की बैठकों में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व करने के लिये कौन योग्य है. उच्चतम न्यायालय की सुनवाई सोमवार को होगी और बोर्ड ने बुधवार को फिर बैठक बुलाई है.

सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के पूर्व प्रमुख निरंजन शाह ने बताया कि बैठक स्थगित की गई क्योंकि उच्चतम न्यायालय इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा.  इसमें कानूनी मुद्दे शामिल हैं इसलिए संयुक्त सचिव अमिताभ चौधरी ने बैठक स्थगित करने की घोषणा की.

बैठक में ज्यादातर उन अनुभवी सदस्यों ने हिस्सा लिया जो लोढा सिफारिशों पर आधारित उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार अयोग्य बताए गए हैं. श्रीनिवासन, निरंजन शाह, टीसी मैथ्यू, रंजीब बिस्वाल और जी गंगा राजू (सभी 70 साल की उम्र से अधिक हैं) जैसे अधिकारियों ने शिरकत की जो स्पष्ट रूप से आदेश का उल्लघंन है.

हिमाचल से अरूण ठाकुर आए हुए थे जो पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के छोटे भाई हैं. रेलवे और सेना ने भी बैठक में अपने प्रतिनिधि भेजे. न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन की निर्देश अनुसार सिर्फ दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ इसमें मौजूद नहीं था.

जब राज्य इकाई के एक सदस्य ने पूछा गया कि क्या किसी ने बैठक में शिरकत करने के लिये श्रीनिवासन का विरोध किया तो उन्होंने  कहा कि उनकी उपस्थिति पर किसी को कोई आपत्ति नहीं थी. समस्या सिर्फ बैठक की वैधता थी क्योंकि उच्चतम न्यायालय सोमवार को सुनवाई करेगा. एक सदस्य ने बैठक स्थगित करने के बाद कहा कि कुछ को लगा कि बुधवार को अगली बैठक बुलाने से पहले इंतजार करना चाहिए था,लेकिन बैठक में ज्यादातर की राय थी कि इसे बुधवार को ही बुला लेते हैं.

उधर, 70 वर्ष से ज्यादा उम्र के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उम्र से संबंधित अयोग्यता का आधार बने लोढा समिति से अक्सर पूछे जाने वाले सवाल अंतिम फैसला नहीं हैं इसलिये वे बैठक में भाग लेने के लिये अब भी योग्य हैं.


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