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Yuvraj Singh का खुलासा, 'यो-यो टेस्ट पास करने के बाद भी मेरे चयन मामले में लिया गया यू-टर्न'

टी20 इंटरनेशनल में एक ओवर में छह छक्के लगाने का दुर्लभ कारनामा युवी के नाम पर दर्ज है. वे वर्ष 2007 में टी20 वर्ल्डकप और 2011 में 50 ओवर का वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे.

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Yuvraj Singh का खुलासा, 'यो-यो टेस्ट पास करने के बाद भी मेरे चयन मामले में लिया गया यू-टर्न'

Yuvraj Singh ने भारत के लिए 40 टेस्‍ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल खेले

खास बातें

  1. कहा-उन्हें लगा था मैं यो-यो टेस्ट पास नहीं कर पाऊंगा
  2. 36 साल की उम्र में यो-यो टेस्ट की तैयारी करनी पड़ी थी
  3. एक इंटरव्यू के दौरान अपने 'दर्द' को किया साझा

Yuvraj Singh: टीम इंडिया के सितारा खिलाड़ी रहे युवराज सिंह (Yuvraj Singh)की छवि जुझारू क्रिकेटर की रही है. कैंसर की बीमारी से दो-दो हाथ करने के बाद उन्होंने अपने जीवट के दम पर भारतीय टीम में वापसी की थी. वर्ल्डकप 2011 में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में उनका अहम योगदान रहा था. इसके तुरंत बाद मेडिकल जांच में पता चला कि उन्हें कैंसर है. युवराज ने इलाज कराया और 'शान' के साथ भारतीय टीम (Team India) में लौटे. युवराज ने दावा किया है कि यो-यो टेस्ट पास करने के बावजूद उन्हें भारतीय टीम में नहीं चुना गया था और उनसे घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था.

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गौरतलब है कि टी20 इंटरनेशनल में एक ओवर में छह छक्के लगाने का दुर्लभ कारनामा युवी के नाम पर दर्ज है. वे वर्ष 2007 में टी20 वर्ल्डकप और 2011 में 50 ओवर का वर्ल्डकप जीतने वाली भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के सदस्य थे. युवराज ने अपने साथ-साथ वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के साथ किए गए इसी तरह के व्यवहार पर नाराजगी जताई. अपने साथ किए गए इस 'व्यवहार' से आहत युवी (Yuvraj Singh) ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'मैं चोटिल हो गया था और मुझे श्रीलंका सीरीज के खिलाफ तैयारी करने के लिए कहा गया. इसी दौरान यो-यो टेस्ट का भारतीय क्रिकेट में 'आगमन' हुआ. ऐसे में मेरे चयन को लेकर यू-टर्न ले लिया गया.'

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युवराज (Yuvraj Singh) ने कहा, 'अचानक 36 वर्ष की उम्र में मुझे यो-यो टेस्ट के लिए खुद का तैयारी करनी पड़ी. यहां तक कि यो-यो टेस्ट क्लियर करने के बावजूद मुझे घरेलू क्रिकेट में खेलने को कहा गया.' उन्होंने कहा कि यो-यो टेस्ट के बाद उनके साथ जो कुछ भी हुआ, वह 'पहेली' ही था. युवराज ने कहा, 'उन्होंने लगा कि अपनी उम्र के कारण शायद मैं यो-यो टेस्ट पास नहीं कर पाऊंगा और ऐसे में उन्हें मुझे बाहर करना आसान हो जाएगा... आप कह सकते हैं कि यह बहाने बनाने की एक कवायद थी.'युवराज सिंह ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 1900 रन बनाने के अलावा 9 विकेट भी हासिल किए. वनडे क्रिकेट में युवी ने 14 शतकों के साथ 8702 रन बनाने के अलावा 111 विकेट लिए. टी20I में उन्होंने 1177 रन बनाए और 28 विकेट हासिल किए.

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