INDvsAUS Test : उमेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया को झकझोरा, झटके 4 विकेट, पहले दिन ऑस्ट्रेलिया- 256/9

INDvsAUS Test : उमेश यादव ने ऑस्ट्रेलिया को झकझोरा, झटके 4 विकेट, पहले दिन ऑस्ट्रेलिया- 256/9

डेविड वॉर्नर से ऑस्ट्रेलिया को बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 38 रन ही बना पाए...

खास बातें

  • लगभग 12 साल से भारतीय धरती पर जीत की तलाश में ऑस्ट्रेलिया
  • टीम इंडिया घरेलू धरती पर पिछले 20 टेस्ट मैचों से है अजेय
  • ऑस्ट्रेलिया के साथ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है
पुणे:

टीम इंडिया वर्तमान में आईसीसी की टेस्ट रैंकिंग में नंबर वन है, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम नंबर दो पर है. जाहिर है जब दो शीर्ष टीमों की टक्कर हो रही है, तो रोमांच तो रहेगा ही. फैन्स की नजरें पुणे में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन के खेल पर पर टिकी रहीं. पहला दिन पूरी तरह से टीम इंडिया के गेंदबाजों के नाम रहा. खासतौर पर तेज गेंदबाज उमेश यादव (Umesh Yadav) ने गजब की गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया के 4 विकेट झटक लिए. दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने 94 ओवरों में 9 विकेट पर 256 रन बना लिए. मिचेल स्टार्क (57) और जॉश हेजलवुड (1) नाबाद रहे. धड़ाधड़ गिरते विकेटों के बीच स्टार्क ने तूफानी पारी खेली और महज 47 गेंदों में फिफ्टी बना दी. उनसे पहले मैट रेनशॉ 36 रन पर रिटायर्ड हर्ट होने के बाद फिर बैटिंग करने के लिए लौटे और अच्छी बल्लेबाजी की. उन्होंने करियर की दूसरी फिफ्टी बनाई, लेकिन 68 रन (156 गेंद, 10 चौके, 1 छक्का) पर आर अश्विन ने उन्हें आउट कर दिया. टीम इंडिया की ओर से उमेश यादव ने 4 विकेट, रवींद्र जडेजा और आर अश्विन ने 2-2 विकेट, तो जयंत यादव ने एक विकेट झटका. दिनभर स्पिनरों ने सबसे अधिक गेंदबाजी की, जिससे टीम इंडिया का ओवर रेट कापी बेहतर रहा और उसने निर्धारित 90 ओवरों से 4 ओवर अधिक फेंक डाले.

ऑस्ट्रेलिया का विकेट पतन - 1/82 (डेविड वॉर्नर- 38), 2/119 (शॉन मार्श- 16), 3/149 (पीटर हैंड्सकॉम्ब- 22), 4/149 (स्टीव स्मिथ- 27), 5/166 (मिचेल मार्श- 5), 6/190 (मैथ्यू वेड- 8), 7/198 (मैट रेनशॉ- 68), 8/205 ( स्टीफन ओकीफी- 0), 9/205 (नैथन लियोन- 0)
 

umesh yadav david warner india vs australia
उमेश यादव ने डेविड वॉर्नर को एक बार फिर अपना शिकार बनाया, वह उन्हें 5 बार आउट कर चुके हैं...


टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की ओर से मैट रेनशॉ ने सबसे अधिक 68 रन, तो मिचेल स्टार्क ने नाबाद 57 रन, डेविड वॉर्नर ने 38 रन  (77 गेंद, 6 चौके), कप्तान स्टीव स्मिथ ने 95 गेंदों में 27 रन, शॉन मार्श ने 55 गेंदों का सामना किया और 16 रन जोड़े. पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 45 गेंदों में 22 रन बनाए. कंगारुओ की ओर से कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं हो पाई. जैसे ही कोई जोड़ी आगे बढ़ती तो टीम इंडिया के गेंदबाज उसे तोड़ देते. खासतौर से चायकाल के बाद तो उसकी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह झड़ गई.

5 बार वॉर्नर को लौटा चुके हैं उमेश यादव
डेविड वॉर्नर टेस्ट मैचों में 10 पारियों में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज उमेश यादव का 5 बार शिकार बन चुके हैं. वॉर्नर के अलावा ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श को भी वह 5 बार लौटा चुके हैं. किसी भी बल्लेबाज को सबसे अधिकर बार आउट करने के मामले में वॉर्नर और मार्श संयुक्त रूप से उनके पसंदीदा शिकार हैं.

स्मिथ का भारत के खिलाफ औसत 93 का है..
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ को भारतीय गेंदबाजी रास आती है और भारत के खिलाफ उनका टेस्ट में औसत बेहद शानदार है. उन्होंने इस मैच से पहले तक टीम इंडिया के साथ खेलते हुए 12 पारियों में चार शतक और तीन फिफ्टी लगाई हैं. यह उनका किसी भी टीम के खिलाफ दूसरा बेस्ट है. हालांकि वह पुणे में पहले दिन कुछ खास नहीं कर पाए.

अंतिम सत्र में कंगारुओं ने खोए 5 विकेट
चायकाल के बाद ऑस्ट्रेलिया का पांचवां विकेट गिर गया. रवींद्र जडेजा ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए मिचेल मार्श पर दबाव बनाया और उन्हें इसका परिणाम जल्दी ही मिल गया. मार्श उनकी एक गेंद पर चूके और विकेटों के सामने पकड़े गए. अंपायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया. इसके बाद मैट रैनशॉ ने 125 गेंदों में करियर की दूसरी फिफ्टी पूरी की. रेनशॉ ने मैथ्यू वेड के साथ 24 रनों की साझेदारी करके पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वेड को उमेश यादव ने चलता कर दिया. वह पगबाधा आउट हुए. ऑस्ट्रेलिया को सबसे तगड़ा झटका अश्विन ने 196 के स्कोर पर दिया, जब उन्होंने जमकर खेल रहे मैट रेनशॉ को 68 रन पर स्लिप पर खड़े मुरली विजय के हाथों खूबसूरती से कैच करा दिया. रेनशॉ ने 156 गेंदों का सामना किया और 10 चौके व 1 छक्का लगाया. आठवां विकेट स्टीफन ओकीफी का गिरा, जिन्हें उमेश यादव की गेंद पर विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा ने ग्रेट कैच लेकर चलता किया. अगली ही गेंद पर नैथन लियोन भी उमेश का शिकार बन गए और टीम इंडिया ने नौवां विकेट झटक लिया. चायकाल से लगभग 15 मिनट पहले रवींद्र जडेजा और आर अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया को लगातार दो झटके दिए. जडेजा ने हैंड्सकॉम्ब (22) और अश्विन ने कप्तान स्टीव स्मिथ (27) को लौटाया. दोनों के बीच 30 रनों की साझेदारी हुई.

चायकाल से बिल्कुल पहले दो बड़े झटके
लंच के बाद पहले घंटे के भीतर ही तेज गेंदबाज भुवनएश्वर कुमार की जगह शामिल किए गए स्पिनर जयंत यादव ने शॉन मार्श को 16 रन पर कैच करा दिया. मार्श को विराट कोहली ने लेग स्लिप पर लपका. लगभग ऐसी ही गेंद पर जयंत ने वॉर्नर को बोल्ड किया था, लेकिन अंपायर ने नोबॉल करार दिया था. मार्श और स्मिथ के बीच 37 रनों की साझेदारी हुई. स्मिथ ने इसके बाद पीटर हैंड्सकॉम्ब के साथ पारी को संभालने की कोशिश की. दोनों के बीच 30 रनों की साझेदारी हुई. चायकाल से थोड़ी देर पहले ही ऑस्ट्रेलिया को दो बड़े झटके लगे. रवींद्र जडेजा ने पीटर हैंड्सकॉम्ब को 22 रन पर पगबाधा आउट कर दिया. इसके बाद अगले ही ओवर में आर अश्विन कप्तान स्टीव स्मिथ को 27 रन पर विराट कोहली के हाथों में मिडविकेट पर कैच करा दिया. टिककर खेल रहे स्मिथ ने अचानक ही एकाग्रता खो दी और गलत शॉट खेल बैठे. ऑस्ट्रेलिया ने 149 रन पर ही तीसरा और चौथा विकेट गंवा दिया.

ravichandran ashwin ravindra jadeja india vs australiaआर अश्विन और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट चटकाए

पहला सत्र : जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाए वॉर्नर
टीम इंडिया की ओर से गेंदबाजी की शुरुआत तेज गेंजबाज ईशांत शर्मा ने की, लेकिन अगले ही ओवर में विराट कोहली ने अपने ट्रंप कार्ड आर अश्विन को आक्रमण में उतार दिया. डेविड वॉर्नर और मैट रेनशॉ ने सधी हुई शुरुआत की. पारी के चौथे और अश्विन के दूसरे ओवर की दूसरी ही गेंद पर मैट रेनशॉ चकमा खा गए और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेते-लेते रह गई. अश्विन और जयंत दोनों ने पहले घंटे में ऑस्ट्रेलिया के ओपनरों को परेशान किया, लेकिन गेंद ने उनके बल्ले का किनारा नहीं लिया. टीम इंडिया को उस समय पहली सफलता मिलेत-मिलते रह गई जब पारी के 15वें ओवर में डेविड वॉर्नर को 20 के निजी स्कोर पर स्पिनर जयंत यादव ने पैरों के पीछे से बोल्ड कर दिया, लेकिन नोबॉल हो गई. यादव का पैर बॉलिंग क्रीज से काफी आगे निकल गया. ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका 82 रन पर लगा, जब डेविड वॉर्नर (38) आउट हो गए, उन्‍हें उमेश यादव ने बोल्‍ड किया. ऑस्‍ट्रेलिया को एक और झटका तब  लगा जब मैट रेनशॉ (36) को 82 रन पर ही रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा.

भुवी की जगह स्पिनर जयंत
टॉस हारने के बाद कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उन्होंने तीन सत्रों में बेहतरीन तैयारी की है और टॉस के बारे में ज्यादा नहीं सोचते. विराट के अनुसार मैच में रिवर्स स्विंग का रोल अहम होगा. हालांकि उन्होंने टीम संयोजन में एक चौंकाने वाला फैसला लिया और रिवर्स स्विंग की संभावना के बावजूद तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की जगह स्पिनर जयंत यादव को मौका दे दिया. विकेट सूखा है और टर्न लेगा. ऐसे में कोहली का यह फैसला निर्णायक भी साबित हो सकता है.

लगातार सातवीं सीरीज जीत पर कोहली की नजर
टीम इंडिया ने जिस तरह से वेस्‍टइंडीज, न्‍यूजीलैंड, इंग्‍लैंड और फिर बांग्‍लादेश के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज में जिस शानदार अंदाज में जीत हासिल की है, उसे देखते हुए हर कोई टीम इंडिया को जीत का दावेदार मान रहा है. टीम इंडिया इससे पहले न्यूजीलैंड को 3-0, इंग्लैंड को 4-0 और बांग्लादेश को 1-0 से हरा चुकी है. टीम इंडिया की नजरें इस समय लगातार सातवीं सीरीज जीतने पर टिकी हैं जिस क्रम की शुरुआत 2015 में श्रीलंकाई सरजमीं पर हुई तीन मैचों की सीरीज से हुई थी. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने मोर्चे से अगुआई की है और पिछली चार सीरीज में चार दोहरे शतक जड़ चुके हैं. भारत ने दिसंबर 2012 के बाद से 20 घरेलू टेस्ट मैच खेले हैं जिनमे से 17 में उन्हें जीत हासिल हुई है और 3 मैच ड्रॉ रहे हैं.

जीत की सिल्वर जुबली पूरी कर लेगी टीम इंडिया
भारतीय टीम घरेलू मैदानों पर पिछले 20 टेस्ट से अजेय है, वहीं ऑस्ट्रेलियाई एशियाई धरती पर 9 टेस्ट मैचों से लगातार हार रही है, वहीं भारतीय धरती की बात करें तो उसे अंतिम बार यहां लगभग 12 साल पहले जीत मिली थी. ऐसे में निश्चित रूप से टीम इंडिया का पलड़ा भारी है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत 1947-48 में भारत के ऑस्ट्रेलिया टूर से हुई थी. 5 टेस्ट की इस सीरीज में भारत 4-0 से हार गया था. भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज 1979-80 में जीती थी. दोनों के बीच 1947 से अब तक 90 टेस्ट खेले जा चुके हैं, जिनमें से भारत ने 24 मैच जीते हैं. यदि टीम इंडिया पुणे टेस्ट जीत जाती है, तो जीत की कंगारुओं के खिलाफ जीत की सिल्वर जुबली पूरी कर लेगी. ऑस्ट्रेलिया ने 40 टेस्ट जीते हैं, जबकि एक मैच टाई रहा और 25 मैच ड्रॉ रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया के लिए कुछ भी ठीक नहीं
ऑस्ट्रेलिया के लिए साल 2004 के बाद से भारत का दौरा ठीक नहीं रहा है. इतना ही नहीं यदि एशियाई धरती की बात करें तो वहां भी उसे लगातार 9 टेस्ट मैचों में हार मिली है. पिछले एक दशक में ऑस्ट्रेलिया ने भारत में 10 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमे उन्हें 8 में हार मिली और 2 टेस्ट ड्रॉ रहे.

अश्विन एक और उपलब्धि के करीब
रविचंद्रन अश्विन को भारतीय धरती पर 200 विकेट पूरे करने के लिए सिर्फ 13 विकेट चाहिए. ऐसे करते ही वह अनिल कुंबले (350), हरभजन सिंह (265) और कपिल देव (219) के बाद ये उपलब्धि हासिल करने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज बन जाएंगे.

दोनों टीमें इस प्रकार हैं...
भारत: विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, ऋद्धिमान साहा, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, ईशांत शर्मा, जयंत यादव और उमेश यादव.

ऑस्ट्रेलिया: स्टीव स्मिथ (कप्तान), डेविड वॉर्नर, पीटर हैंड्सकॉम्ब, जॉश हेजलवुड, नैथन लियोन, मिचेल मार्श, शॉन मार्श, स्टीफन ओकीफी, मैट रेनशॉ, मिचेल स्टार्क और मैथ्यू वेड.

 
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