वर्ल्ड कप 2015 : भुवनेश्वर और अश्‍व‍िन की फिटनेस पर उठे सवाल

नई दिल्‍ली : वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले टीम इंडिया के कई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर सवाल उठे थे। पाकिस्तान के ख़िलाफ़ धमाकेदार जीत के बाद सारे सवाल पर्दे के पीछे चले गए। टूर्नामेंट से पहले रोहित शर्मा, रविंद्र जडेजा, ईशांत शर्मा और भुवनेश्वर कुमार के अनफिट होने की ख़बरें सुर्ख़ियां बनती रहीं। काफ़ी कोशिश के बावजूद ईशांत समय पर फिट नहीं हो सके तो उनकी जगह मोहित शर्मा को टीम में शामिल किया गया। रोहित और जडेजा फिट हो चुके हैं लेकिन भुवनेश्वर और आर. अश्विन की फिटनेस को लेकर ख़बर अच्छी नहीं है।


अभ्यास में अश्विन को लगी चोट
आर अश्विन को दक्षिण अफ़्रीका से मुक़ाबले से पहले नेट्स में अभ्यास के दौरान चोट लग गई। अश्विन को नेट्स में बल्लेबाज़ी का अभ्यास करते हुए उमेश यादव की गेंद पर चोट लगी। चोट पर क़रीब पांच मिनट तक बर्फ़ रखने के बाद वो दोबारा बल्लेबाज़ी करने आए और 20 मिनट तक अभ्यास किया। टीम डॉक्टरों के मुताबिक चोट ज़्यादा गंभीर नहीं है।

कितने फिट हैं भुवनेश्वर?
वहीं भुवनेश्वर की फिटनेस को लेकर अब भी सस्पेंस बरक़रार है। अभ्यास के दौरान भी भुवी अनफिट दिखे और गेंदबाजी करते हुए लय में नहीं दिखे। हालांकि भुवनेश्वर की फिटनेस पर टीम की तरफ़ से कोई अधिकारिक सफ़ाई नहीं दी गई।

भुवनेश्वर को ऑस्ट्रेलिया के साथ टेस्ट सीरीज़ शुरू होने से पहले चोट लगी थी फिर भी टीम में उन्हें रखा गया। काफ़ी मशक्कत के बाद वो सिडनी में हुए सीरीज़ के आख़िरी टेस्ट में खेल सके जहां वो अपनी पूरी लय में गेंदबाज़ी करते नहीं दिखे।

सिडनी टेस्ट में अपनी गेंदबाज़ी के तीसरे और चौथे स्पेल में वो 110 और 115 किलोमीटर रफ़्तार से आगे नहीं बढ़ सके। इस दौरान वो किसी भी कंगारू बल्लेबाज़ को चकमा देने में नाकामयाब रहे।

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25 साल के भुवी तीनों फॉर्मेट में टीम का हिस्सा हैं। पिछले दो साल में उन्होंने 12 टेस्ट, 44 वनडे और 9 टी-20 मैच खेले हैं। मेरठ के रहने वाले भुवनेश्वर कुमार ने गेंद को दोनों तरफ़ स्विंग करने की कला मेरठ के ही एक और स्विंग कराने में माहिर प्रवीण कुमार से सीखी। प्रवीण कहते हैं कि गेंद को दोनों तरफ़ स्विंग करवाने के क्रम में कमर पर ज़्यादा असर पड़ता है और गेंदबाज़ को अपनी फिटनेस पर ख़ास ध्यान देना पड़ा है। ऐसे में भुवनेश्वर को अपनी फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि टीम इंडिया को उनकी ज़रूरत है।

अगर समय रहते टीम मैनेज़मेंट ने भुवनेश्वर की फिटनेस पर ध्यान नहीं दिया तो डर है कि उनका भी हश्र प्रवीण कुमार की तरह ना हो जाए और भारत को एक और बेहतरीन स्विंग गेंदबाज़ से हाथ न धोना पड़े।