संकटमोचक की अपनी छवि से विपरीत पिछले दो साल से लगातार नाकाम रहे गौतम गंभीर के लिए ऑस्ट्रेलिया का मौजूदा दौरा अस्तित्व का प्रश्न बन गया है और उन्हें हर हालत में कुछ अच्छी पारियां खेलनी होगी। गंभीर ने पिछला शतक 17 टेस्ट पहले बनाया था। पिछले दो साल में उनका औसत 31.33 रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र शतक भी प्रभावी नहीं रहा।
स्पिन और तेज गेंदबाजी को समान काबिलियत से खेलने में माहिर रहे गंभीर ने ब्रिसबेन में चार साल पहले शतक जमाकर खुद को भारतीय बल्लेबाजी का अभिन्न अंग बनाया था। इसके बाद उन्होंने 2008 में आठ टेस्ट मैच में 1134 रन बनाए जिसमें तीन शतक शामिल थे। उन्होंने 2009 में पांच टेस्ट में 90.88 की औसत से रन बनाए। गंभीर का प्रदर्शन इतना प्रभावी रहा कि उनके सलामी जोड़ीदार और सीनियर वीरेंद्र सहवाग ने कह डाला कि सुनील गावस्कर के संन्यास लेने के बाद वह भारत के सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज हैं।
सहवाग ने कहा था, ‘‘गंभीर एकमात्र ऐसा सलामी बल्लेबाज है जो हर प्रारूप में इतना सहज रहता है। गावस्कर टेस्ट और वनडे में महान प्रारंभिक बल्लेबाज थे और गंभीर ने टी-20 में भी खुद को बखूबी ढाल लिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे नहीं लगता कि तकनीक, तेवर और शैली के मामले में कोई गंभीर से बेहतर है। गावस्कर के बाद वह भारत का सर्वश्रेष्ठ सलामी बल्लेबाज है।’ गंभीर को भारत का अगला कप्तान माना जाने लगा और इस साल आईपीएल में वह सबसे महंगे खिलाड़ी रहे जिन्हें 11 करोड़ रुपये में खरीदा गया।
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