बस, पिच पर बने रहना चाहते थे मैं और ऋद्धिमान साहा : रविचंद्रन अश्विन

बस, पिच पर बने रहना चाहते थे मैं और ऋद्धिमान साहा : रविचंद्रन अश्विन

ग्रोस आईलेट:

वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ उन्हीं की धरती पर खेली जा रही शृंखला के तीसरे टेस्ट मैच में शतक ठोकने वाले भारतीय ऑफस्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि 130 रन पर पांच विकेट खो देने के बावजूद पहली पारी 353 रन पर खत्म करने के बाद उनकी टीम मैच के बचे हुए मुकाबले में भी संघर्ष जारी रखेगी.

बुधवार को दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्ट इंडीज़ ने एक विकेट के नुकसान पर 107 रन बना लिए थे.

अश्विन ने दिन के खेल के बाद कहा, "जिस समय हम क्रीज़ पर उतरे, हमारी टीम की हालत अच्छी नहीं थी और यह बहुत अच्छी पिच नहीं थी... ऐसी पूरी संभावना थी कि आप कभी भी चकमा खा सकते थे या आपके सामने किसी भी समय एक अच्छी गेंद आ सकती है... यहां रन बनाना आसान नहीं था..."

शतकवीर रविचंद्रन अश्विन ने कहा, "इसलिए हमने सोचा कि तेज़ी से आ रही गेंदों को पूरे ज़ोर से मारें और रन नहीं भी आ रहे हों, तो वहीं बने रहें... साफ तौर पर नतीजे बाद में आए... यह एक अच्छी साझेदारी थी और ईमानदारी से दोनों ने एक दूसरे के साथ का आनंद उठाया..." उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि उन्हें जमैका टेस्ट से कुछ लय मिली, लेकिन टेस्ट क्रिकेट ऐसा ही होता है... हम यह सोचकर या उम्मीद कर यहां नहीं आए कि वह बिल्कुल खराब प्रदर्शन करेंगे... वह भी एक टेस्ट टीम है और उनकी घरेलू स्थितियों में मुश्किल होने वाली थी और हमें इसकी उम्मीद थी..."

रविचंद्रन अश्विन ने छठे विकेट के लिए ऋद्धिमान साहा के साथ 213 रन की साझेदारी कर भारत को अच्छी स्थिति में पहुंचाया था. यह अश्विन के टेस्ट करियर का चौथा शतक था, जबकि ऋद्धिमान साहा ने अपना पहला शतक ठोका.

 
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