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INDvsSL: टीम इंडिया के ओपनर शिखर धवन ने बल्‍ले से मिली अपनी कामयाबी का बताया यह राज

टीम इंडिया के धमाकेदार ओपनर शिखर धवन ने कहा है कि आक्रामक रवैया बरकरार रखना उनकी हाल ही बल्‍लेबाजी की कामयाबी का राज है.

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INDvsSL: टीम इंडिया के ओपनर शिखर धवन ने बल्‍ले से मिली अपनी कामयाबी का बताया यह राज

शिखर धवन ने सीरीज के पहले टेस्‍ट में भी शतक जमाया था (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कहा-अब मैं नाकामी के समय भी डिफेंसिव नहीं होता
  2. विकेट थोड़ा धीमा है और इसमें ज्‍यादा उछाल नहीं है
  3. राहुल के साथ पहले विकेट के लिए जोड़े 188 रन
कैंडी: टीम इंडिया के धमाकेदार ओपनर शिखर धवन ने कहा है कि आक्रामक रवैया बरकरार रखना उनकी हाल ही बल्‍लेबाजी की कामयाबी का राज है. उन्‍होंने कहा कि मैं आक्रामक शैली का बल्‍लेबाज हूं और नाकामी के समय भी डिफेंसिव होने की कोशिश नहीं करता हूं. चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम में वापसी के बाद से बेहतरीन फार्म में चल रहे सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने इसका श्रेय अपनी मानसिकता में बदलाव को दिया. धवन ने श्रीलंका के खिलाफ तीसरे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट के पहले का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘जब मैं विफलता से गुजरता हूं तो मेरा रवैया अलग तरह का होता था. मैं अधिक रक्षात्मक हो जाता था लेकिन अब मैं मैदान पर खुद को जाहिर करने की कोशिश करता हूं और अपना स्वाभाविक खेल खेलता हूं. यह मेरे लिए काम कर गया.’ धवन ने लोकेश राहुल के साथ पहले विकेट के लिए 188 रन जोड़े जो श्रीलंका की सरजमीं पर इस विकेट के लिए भारत की ओर से सबसे बड़ी साझेदारी है.

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धवन ने कहा, ‘विकेट थोड़ा धीमा था और इसमें काफी उछाल नहीं था. राहुल और मैं काफी अच्छा खेले. हम शाट खेलते हुए आउट हुए. ऐसा नहीं है कि हम विकेट के कारण आउट हुए.’भारत के सलामी बल्लेबाज के करारे पुल शाट को विरोधी कप्तान दिनेश चांदीमल ने लपका और इस बारे में पूछने पर धवन ने कहा, ‘मैंने मजाक में कहा कि अगर आप राजा की तरह बल्लेबाजी करते हो तो आपको आउट भी राजा की तरह होना चाहिए, आपको सैनिक की तरह आउट नहीं होना चाहिए. अगर आप आक्रामक अंदाज में रन बनाते हो तो आप इस तरह आउट भी हो सकते हो.’ धवन ने कहा कि 75 से अधिक रन बनाने के बाद वे एक-दूसरे से बात नहीं करते.

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उन्होंने कहा, ‘जब हम 75 से 80 रन बना लेते हैं तो हम एक-दूसरे से बात नहीं करते बल्कि प्रत्येक बल्लेबाज अपने आप से बात करता है. वह देख सकता है कि 100 रन दूर नहीं हैं. प्रत्येक बल्लेबाज के पास अपनी योजना होती है कि वहां तक कैसे पहुंचा जाए. कुछ कम जोखिम उठाकर एक-दो रन के साथ ऐसा करना चाहते हैं. मुझे पता है कि अगर मैं गेंदबाज को हिट कर सकता हूं तो ऐसा करता हूं.’ यह सीनियर सलामी बल्लेबाज भारत के अंतिम दो सत्र में छह विकेट गंवाने से चिंतित नहीं है. उन्होंने कहा, ‘ऐसा होता है. ऐसा नहीं है ये पहली बार हुआ है. हमारे शुरुआत अच्छी थी और अब भी लगता है कि 329 अच्छा स्कोर है. जो बल्लेबाजी कर रहे हें वे बड़ा स्कोर खड़ा करने में सक्षम हैं. क्रीज पर रन बनाना आसान नहीं है और आउटफील्ड भी तेज नहीं है.’

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धवन ने हालांकि श्रीलंका के चाइनामैन गेंदबाज लक्षण संदाकन की तारीफ की. उन्होंने कहा,‘चाइनामैन गेंदबाज (लक्षण सनदाकन) काफी अच्छा है. वह गेंद को टर्न करा रहा था और कुछ गेंद काफी अधिक टर्न कर रही थी. उसकी गुगली को समझना भी मुश्किल था. विशेषकर हमारे आउट होने के बाद उसने जिस तरह की वापसी और गेंदबाजी की वह उनके लिए अच्छा है.’


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