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IND vs NZ Semifinal: रोचक मुकाबला आज, जानिए- किसमें कितना है दम और क्या हैं कमजोरियां

कीवी भारतीय टीम को रोक पाएंगे ऐसा लगता नहीं, मगर क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल, एक कयास मौसम को लेकर भी

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खास बातें

  1. वर्ल्ड कप में सात बार टक्कर, तीन बार भारत और चार बार न्यूज़ीलैंड जीता
  2. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 106 वनडे मैच में से भारत ने 55 जीते
  3. दो साल में दोनों देशों के बीच आठ वनडे खेले गए, भारत ने छह जीते
नई दिल्ली:

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम पहले ही वर्ल्ड नंबर-1 बन चुकी है. अब वर्ल्ड कप ख़िताब पर कब्ज़ा करना है और इसके लिए बस अदद दो जीत की ज़रुरत है. दो बार का चैंपियन भारत दमदार अंदाज़ में सेमीफाइनल में पहुंचा है. भारत लीग में टॉप पर रहा और सिर्फ़ एक मैच हारा. वहीं पिछले बार की उपविजेता न्यूज़ीलैंड लगातार तीन मैच हारी है. कीवी टीम पांच जीत और तीन हार के साथ लीग में चौथे नंबर पर रही थी. कीवी भारतीय टीम को रोक पाएंगे ऐसा लगता तो नहीं. मगर याद रखिए. क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. एक कयास मौसम को लेकर भी है.
 
मैनचेस्टर के आसमान पर बादल वर्ल्ड कप 2019 के पहले सेमीफ़ाइनल में दखल दे सकते हैं. नॉटिंघम में न्यूज़ीलैंड के साथ खेले जाने वाला भारत का लीग मुक़ाबला भी बारिश की भेंट चढ़ गया था. राहत की बात है कि सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल मुक़ाबले के लिए एक अतिरिक्त दिन रखा गया है.

हालांकि क्रिकेट में आंकड़े पूरी कहानी नहीं बताते लेकिन इनका अपना महत्व है. देखते हैं भारत और न्यूज़ीलैंड के आंकड़े क्या कहते हैं. भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच 106 वनडे मैच खेले गए हैं जिसमें भारत ने 55 जीते हैं जबकि कीवी टीम 45 में विजयी रही है. पांच मैच रद्द करने पड़े जबकि एक मैच टाई हुआ था. पिछले दो साल की बात करें तो दोनों देशों के बीच आठ वनडे खेले गए हैं जिसमें भारत ने छह जीते हैं. ज़ाहिर है भारत हाल के वर्षों में कीवी टीम पर हावी रहा है. वर्ल्ड कप में भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सात बार टक्कर हुई है जिसमें तीन बार भारत और चार बार न्यूज़ीलैंड विजयी रहा है. इस वर्ल्ड कप के पहले भारत छह बार वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में पहुंचा है. सेमीफ़ाइनल में भारत तीन बार जीता है और तीन बार हारा है. वहीं कीवी टीम आठवीं बार सेमीफ़ाइनल में है. न्यूज़ीलैंड सिर्फ़ एक बार फ़ाइनल में पहुंच पाया है.


भारत vs न्यूज़ीलैंड        
वनडे: 106
भारत: 55
न्यूज़ीलैंड: 45
रद्द: 5
टाई: 1   

भारत vs न्यूज़ीलैंड : वर्ल्ड कप में
मैच: 7
भारत: 3
न्यूज़ीलैंड: 4
रद्द: 0
टाई: 0  
 
भारत vs न्यूज़ीलैंड : पिछले 2 साल में
वनडे: 8
भारत: 6
न्यूज़ीलैंड: 2
रद्द: 6
टाई: 0  

वर्ल्ड कप में भारत और न्यूज़ीलैंड की टक्कर 16 साल बाद हो रही है. 2003 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों के बीच आखिरी टक्कर हुई थी. इस साल की शुरुआत में भारत न्यूज़ीलैंड के दौरे पर गया था. भारत 10 साल बाद न्यूज़ीलैंड को उन्हीं की जमीन पर वनडे सीरीज़ में हराने में कामयाब रहा था. सेमीफ़ाइनल में भी भारत का पलड़ा भारी रहेगा. भारतीय टीम के मजबूत पहलुओं की बात करें तो इनमें शामिल हैं-टॉप ऑर्डर का शानदार प्रदर्शन. भारतीय बल्लेबाज़ी एक बार फिर टॉप ऑर्डर पर रहेगी. अब तक भारत ने पावर प्ले में सिर्फ़ चार विकेट गंवाए हैं जो टॉप ऑर्डर के दबदबे को बयां कर रहे हैं. रोहित शर्मा वर्ल्ड कप में पांच शतक बनाने वाले पहले क्रिकेटर और अब तक सबसे ज़्यादा 647 रन बना चुके हैं.

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने केएल राहुल की जमकर तारीफ़ की. शिखर धवन के घायल होकर वर्ल्ड कप से बाहर हो जाने के बाद राहुल ने सलामी बल्लेबाज की भूमिका बखूबी निभाई है. श्रीलंका के ख़िलाफ़ पिछले मैच में शतक भी लगाया था. जसप्रीत बुमराह की अगुआई में टीम इंडिया के गेंदबाज़ों में विविधता है. भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों ने उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया है. भारतीय सीमर्स अब तक 51 विकेट ले चुके हैं. भारत की कमज़ोरी नाज़ुक मध्यक्रम और फ़िनिशर की तलाश को कहा जा सकता है. आख़िरी 10 ओवर में भारतीय बल्लेबाज़ विस्फ़ोटक बल्लेबाज़ी करने में कमोबेश नाकाम रहे हैं.

भारत की ताक़त                
टॉप ऑर्डर का शानदार प्रदर्शन
रोहित शर्मा का ज़बरदस्त फ़ॉर्म
धवन की जगह राहुल चमके
पार प्ले में सिर्फ़ चार विकेट गंवाए
ज़रूरत के मुताबिक कोहली का खेल
बुमराह और बॉलिंग में विविधता
तेज़ गेंदबाज़ ले चुके हैं 51 विकेट

भारत की कमज़ोरी
नाज़ुक मध्यक्रम
फ़िनिशर की तलाश जारी

न्यूज़ीलैंड की ताक़त केन विलियम्सन की कप्तानी और बल्लेबाज़ी है. न्यूज़ीलैंड का दारोमदार एक बार फिर कप्तान केन विलियम्सन पर रहेगा. विलियम्सन इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 27 रन पर आउट हो गए थे. इससे पहले लगातार 15 पारियों में उन्होने 40 या 40 से ज़्यादा रन बनाए थे. इस वर्ल्ड कप में 96.20 के औसत से 481 रन बना चुके हैं. बॉलिंग ऑलराउंडर जेम्स नीशम और कॉलिन डी ग्रैंडहोम की कीवी टीम की छह जीत में अहम भूमिका रही है. इनके अलावा ट्रेंट बोल्ट और लॉकी फ़र्ग्यूसन ने बेहद किफ़ायती गेंदबाज़ी की है. न्यूज़ीलैंड की सबसे बड़ी कमज़ोरी है उनकी केन विलियम्सन पर बहुत ज़्यादा निर्भरता. उनकी ओपनिंग भरोसेमंद नहीं रही है. पावर प्ले में कीवी टीम ने 13 विकेट गंवाए हैं.

न्यूज़ीलैंड की ताकत                        
विलियम्सन की कप्तानी और बल्लेबाजी
बॉलिंग ऑलराउंडर नीशम और ग्रैंडहोम
किफ़ायती गेंदबाज़ी

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न्यूज़ीलैंड की कमज़ोरी
विलियम्सन पर निर्भरता
ओपनिंग भरोसेमंद नहीं
पावर प्ले में 13 विकेट गंवाए

बारिश के कारण लीग स्टेज में दोनों टीमों की टक्कर नहीं हो पाई लेकिन वर्ल्ड कप के अभ्यास मैच में ट्रेंट बोल्ट और जेम्स निशम के सामने भारतीय बल्लेबाज़ी बुरी तरह लड़खड़ा गई थी. लेकिन तब से समीकरण काफ़ी बदल चुके हैं. न्यूज़ीलैंड की टीम लगातार तीन मैच हारी है. Old Trafford में पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम सभी पांच मैच जीती है. पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम का औसत रहा है 323 रन. ज़ाहिर है टॉस की भूमिका अहम रहेगी.



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